फोटो 9, अंबेडकरनगर के शहजादपुर पुलिस चौकी के पास नागरिक की पिटाई के बाद सड़क जाम कर रहे लोगों को सम?
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अंबेडकरनगर। मोबाइल चोरी के मामले में एक व्यक्ति की निर्मम पिटाई को लेकर बुधवार को लोगों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित लोगों ने शहजादपुर पुलिस चौकी का घेराव करने के साथ ही भाजपा जिला महामंत्री रामशबद यादव के नेतृत्व में अकबरपुर-जौनपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इनमें बड़ी तादाद में महिलाएं भी शामिल थीं। लोग इतने ज्यादा थे कि चौकी प्रभारी व दो आरोपी पुलिस कर्मियों को चौकी में छिपना पड़ा। बाद में कोतवाली से पहुंचे पुलिस कर्मियों ने स्थिति संभाली। एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने एसपी को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इसके बाद दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। उधर, पकड़े गए दुकानदार को चौकी से ही छोड़ दिया गया। उधर, इलाके के लोगों का कहना है कि इन लोगों ने इलाके में वसूली के लिए मनमानी की हद पार रखी थी। ऐसे में सिर्फ लाइन हाजिर जैसी खानापूरी से ऐसे पुलिस कर्मी कभी सुधरने वाले नहीं।
बीते दिनों हुए मोबाइल चोरी के मामले में पकड़े गए एक युवक ने चौकी के ठीक सामने स्थित शहजादपुर निवासी राममूरत निषाद को मोबाइल बेचे जाने की जानकारी दी थी। इसी मामले में बुधवार सुबह पुलिस पूछताछ के लिए राममूरत को दुकान से लेकर चौकी जाने लगी। आरोप है कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। शिकायत के अनुसार, पुलिस कर्मियों ने उसे चौकी ले जाकर जमकर मारा पीटा। इसकी जानकारी स्थानीय नागरिकों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया। घटना से भड़के नागरिक शहजादपुर चौकी के निकट पहुंचने लगे। इसी बीच भाजपा जिला महामंत्री रामशबद यादव भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए स्थानीय नागरिकों ने रामशबद यादव के नेतृत्व में शहजादपुर पुलिस चौकी का घेराव करते हुए अकबरपुर-जौनपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
नागरिकों ने चौकी इंचार्ज गजेंद्र विक्रम सिंह व दो सिपाहियों जान मोहम्मद व नसीब मलिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग लगातार निर्दोष नागरिकों का वसूली के लिए उत्पीड़न करते हैं। आए दिन कोई न कोई इनके उत्पीड़न का शिकार होता रहता है। मांग की कि न सिर्फ पूछताछ के लिए बिठाए गए राममूर्ति को छोड़ा जाए बल्कि आरोपी सिपाहियों व चौकी इंचार्ज के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए। इस बीच जानकारी होते ही कोतवाल अमित कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। नागरिकों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नागरिक सिर्फ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस बीच एएसपी अवनीश कुमार मिश्र व सीओ केके शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। एएसपी ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा जिला महामंत्री रामशबद यादव से वार्ता कर पूरे घटनाक्रम से एसपी को अवगत कराया।
बुधवार को नागरिकों के आक्रोश के बीच शहजादपुर चौकी प्रभारी गजेन्द्र विक्रम सिंह व आरोपी सिपाहियों को छिपने के लिए विवश होना पड़ा। बताया जाता है कि जब बड़ी तादाद में नागरिक एकत्र हो गए तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। पिट जाने के भय से चौकी इंचार्ज समेत पुलिसकर्मियों ने फौरन चौकी के अंदर घुसकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ ही दे में अकबरपुर कोतवाल अमित सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंच गए। हालांकि, कोतवाल ने कहा कि छिपने व दौड़ाने जैसी घटना नहीं हुई थी। आक्रोशित भीड़ ने पूछताछ के लिए लाए गए व्यक्ति को छुड़वाने की कोशिश की थी। इसके चलते ही पुलिसकर्मियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए दो सिपाहियों जान मोहम्मद व नसीब मलिक को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही राममूरत को चौकी से छोड़ दिया गया। इसके बाद लगभग डेढ़ घंटे तक चला जाम समाप्त हो सका। इससे पहले अकबरपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता के प्रतिनिधि व भाजपा नेता मनोज गुप्त ने भी शहजादपुर पुलिस चौकी पहुंचकर पुलिसिया कार्रवाई पर नाराजगी प्रकट की। कहा कि पूछताछ के नाम पर अनावश्यक उत्पीड़न एवं वसूली का प्रयास अनुचित है। चौकी इंचार्ज व सिपाहियों की शिकायत लगातार मिल रही थी।