अंबेडकरनगर। अपर सिविल जज द्वितीय/जेएम डॉ. रणंजय सिंह की अदालत ने प्लंबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने संबंधी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले को पैसों के लेन-देन और संविदा दायित्वों से जुड़ा सिविल विवाद माना।
भीटी के बनगांव निवासी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्होंने रामपुर गिरंट निवासी प्लंबर राजेंद्र गुप्ता को मकान में प्लंबिंग का काम कराने के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। इसमें छह हजार रुपये ऑनलाइन और 44 हजार रुपये नकद दिए गए थे। आरोप है कि राजेंद्र ने काम पूरा नहीं किया और रकम भी वापस नहीं की। काम पूरा करने या पैसे लौटाने की मांग पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था।
ज्ञानेंद्र ने थाने और एसपी से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन कर विवाद को सिविल प्रकृति का मानते हुए याचिका खारिज कर दी। (संवाद)