इसके चलते ही देर सायं तक सिर्फ तीन ब्लाक जहांगीरगंज, बसखारी व टांडा के विजयी प्रत्याशियों को ही प्रमाण पत्र दिए जा सके। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों की मतगणना शुरू करने में भी संबंधित ब्लाकों में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी मनमानी दिखी थी।
मतगणना ही काफी विलंब से शुरू की गई और मतगणना की रफ्तार भी अत्यंत सुस्त थी। इसी के चलते सोमवार पूर्वाहन तक अलग अलग ब्लाकों में मतगणना का दौर चलता रहा।इसके बाद जिला पंचायत सदस्य का परिणाम घोषित करने में भी बड़ी मनमानी सामने आई।
हुआ यह कि दोपहर तक मतगणना समाप्त हो जाने के बाद भी देर सायं 9 बजे तक ब्लाकों में तैनात कर्मचारी व अधिकारी परिणाम को अंतिम रूप नहीं दे सके। नतीजा यह रहा कि सिर्फ तीन ब्लाक के प्रत्याशियों की जीत की घोषणा ही जिला मुख्यालय पर रात नौ बजे तक की जा सकी।
अन्य ब्लाकों के रिटर्निंग आफीसर व अन्य कर्मचारी जो कागजात लेकर आए थे, वह पूर्ण नहीं था। घंटों बैठकर उसमें माथापच्ची की जाती रही। उच्चाधिकारियों ने इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार भी लगाई। इसके चलते ही शेष छह ब्लाकों के विजयी उम्तीदवारों की न तो घोषणा हो सकी और न ही उन्हें प्रमाणपत्र दिया जा सका।
जो विजयी उम्मीदवार प्रमाणपत्र लेने के लिए पहुंचे भी, उन्हें भी निराश होकर वापस जाना पड़ा। उधर अपर जिलाधिकारी रामसूरत पाण्डेय ने बताया कि परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। तीन ब्लाकों के 12 जिला पंचायत सदस्य पद के परिणाम घोषित किए गए हैं। अन्य परिणाम अधिकृत तौर पर आगे घोषित किए जाएंगे।