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Ambedkar Nagar News: दबे लोगों को निकालने के लिए फावड़ा लेकर जुटे लोग

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फावड़े से गिट्टियां हटाकर अंदर दबे लोगों को निकालने की को​शिश करते लोग।
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अंबेडकरनगर। नेशनल हाईवे पर डंपर के पलटते ही स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आ गए। डंपर हादसे से पहले गिट्टी से भरा हुआ था। उसके पलटते ही गिट्टी का ढेर सड़क पर लग गया। नीचे कई लोगों के दबे होने के अंदेशे को देखते हुए स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम के आने का इंतजार नहीं किया। फावड़ा व अन्य उपकरणों के जरिए गिट्टी हटाने में लोग जुट पड़े। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ पुलिसकर्मी भी फावड़े से गिट्टी हटाने में जुटे दिखे। राहत एवं बचाव कार्य में कोई व्यवधान न हो इसलिए तमाशबीनों को पुलिस ने दूर किया। कड़ी धूप में भी सैकड़ों लोग वहां लगभग डेढ़ घंटे तक डटे रहे।
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वर्षों से थी अटूट दोस्ती, साथ छूट गई दुनिया

श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। समूचे पहितीपुर बाजार में सुरेंद्र व संतलाल की दोस्ती प्रसिद्ध थी। पहितीपुर बाजार निवासी दोनों व्यक्तियों की दोस्ती वर्षों से चली आ रही थी। स्थानीय रामजानकी मंदिर के पास ही सुरेंद्र शर्मा नाई का काम करता था। उसने वहां दुकान खोल रखी थी। मंदिर के निकट ही उसके दोस्त संतलाल बाटी चोखे की दुकान चलाते थे। दोनों की दोस्ती के चर्चे पूरे बाजार में अक्सर होते रहते थे। अब दोनों की एक साथ मौत ने एक बार फिर से पहितीपुर व आसपास के क्षेत्र में दोनों की दोस्ती की चर्चा को ताजा कर दिया। सुरेंद्र व संतलाल पहितीपुर में होने वाले धार्मिक आयोजनों में प्रमुखता से भाग लेते थे। आर्थिक रूप से सशक्त न होने के बाद भी रामलीला, दुर्गा पूजा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्व में इन दोनों की भूमिका बढ़-चढ़कर रहती थी। मंगलवार को दोनों की मौत से पहितीपुर बाजार में शोक की लहर दौड़ गई तो वहीं दोनों के परिवार में कोहराम की स्थिति है। संतलाल के तीन पुत्रों सुक्खू (20) आदित्य (15) व छोटू (10) तथा सुरेंद्र के दो पुत्रों सचिन (19) व शिवम (15) एवं पुत्री प्रतिमा (12) का अन्य परिजनों के साथ रो रोकर बुरा हाल है।
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