अंबेडकरनगर। जिंदगी-मौत से जूझते मरीजों का जीवन बचाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज को वेंटिलेटर तो उपलब्ध हैं, लेकिन उनका संचालन करने के लिए टेक्नीशियन नहीं हैं। नतीजा यह है कि कमरे में पड़े 65 वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। मौजूदा समय में राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में 120 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं, लेकिन मात्र उन 55 वेंटिलेटर का ही संचालन हो रहा, जो ऑटोमेटिक हैं। शेष 65 वेंटिलेटर का संचालन नहीं हो रहा है। इस पर गणमान्य नागरिकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि मौजूदा समय में कोरोना के चलते लोगोें की इलाज के दौरान मौत हो रही है। यदि सभी वेंटिलेटर का संचालन होता, तो शायद जिंदगी को बचाया जा सकता है।
कोरोना का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में नए कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं, तो मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। कोरोना से संक्रमित मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का दावा तो स्वास्थ्य विभाग बढ़-चढ़कर कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे है। कभी बेड की कमी सामने आती है, तो कभी ऑक्सीजन की कमी।
जिला अस्पताल से लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व मातृ शिशु विंग टांडा जैसे कोविड अस्पतालों में रेगुलेटर की कमी भी लगातार बनी हुई है। इन सबके बीच अब राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में वेंटिलेटर को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। मौजूदा समय में जब जिंदगी-मौत से जूझ रहे मरीजों को वेंटिलेटर की सख्त जरूरत है, तो ऐसे में मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर महज इसलिए धूल फांक रहे हैं, क्योंकि इनका संचालन करने वाला कोई नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि इनके संचालन के लिए शासन से अब तक टेक्नीशियन की तैनाती ही नहीं हो सकी है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेज में 120 वेंटिलेटर मौजूदा समय में उपलब्ध हैं। इनमें से मौजूदा समय में सिर्फ 55 ऐसे वेंटिलेटर का ही संचालन हो रहा है, जो पूरी तरह ऑटोमेटिक हैं। शेष वेंटिलेटर कमरे में पड़े धूल फांक रहे हैं। इनका संचालन टेक्नीशियन के अभाव में नहीं हो पा रहा है।
उधर, राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के कोविड अस्पताल के सह प्रभारी डॉ. राजेश गौतम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 120 वेंटिलेटर उपलब्ध है,ं लेकिन 55 ऑटोमेटिक वेंटिलेटर का ही संचालन हो रहा है। शेष का टेक्नीशियन न होने के चलते संचालन नहीं हो पा रहा है। बताया कि इसके लिए शासन को कई बार पत्र भी भेजा गया जा चुका है।
सभी वेंटिलेटर का शीघ्र हो संचालन
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा कि मौजूदा समय में जब कोरोना को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है, तो ऐसे में मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर का सुचारु रूप से संचालन न होना अत्यंत चिंता का विषय है। शासन-प्रशासन को इसे लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए। मौजूदा हालात को देखते हुए शीघ्र ही टेक्नीशियन की तैनाती की जानी चाहिए, जिससे कि सभी वेंटिलेटर का संचालन हो सके और लोगों की जिंदगी बच सके। सामाजिक कार्यकर्ता मेहंदी रजा ने कहा कि मरीजों की जिंदगी बचाना प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए। ऐसे में अविलंब मेडिकल कॉलेज में टेक्नीशियन की तैनाती होनी चाहिए, जिससे कि वेंटिलेटर का संचालन हो सके।