यूपी के अंबेडकरनगर में महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में भर्ती मरीज ने बुधवार की रात वार्ड की पहली मंजिल से कूदकर जान दे दी। परिवार के लोगों ने घटना के बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर चले गए। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने छह सदस्यीय जांच टीम का गठन कर रिपोर्ट तलब की है।
टांडा के हुसैनपुर गिरंट गांव निवासी अनुराग वर्मा (26) को बीते दिनों ट्रैक्टर से गिरने के कारण पैर में गंभीर चोट लगी थी। उपचार के लिए उन्हें 19 मई को राजकीय मेडिकल कॉलेज के पहली मंजिल पर वार्ड नंबर सात में भर्ती कराया गया था। बुधवार की रात करीब 11 बजे अनुराग अचानक अपने वार्ड से बाहर निकले और 100 मीटर आगे जाकर प्रथम तल से नीचे कूद गए।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार बेसुध
इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सिक्योरिटी गार्ड आननफानन उन्हें लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। वहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता मेवालाल वर्मा ने बताया कि अनुराग उनका इकलौता बेटा था। मां राजकुमारी बेटे की मौत पर बेसुध हो गईं। बहन रेनू वर्मा का विवाह हो चुका है।
प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने डॉ. जावेद अहमद की अध्यक्षता वाली में छह सदस्यीय टीम को जांच सौंपी है। इसमें डॉ. संदीप कुमार शर्मा, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ.धीरज, आउटसोर्सिंग सूपरवाइजर संदीप शुक्ला और सैनिक बोर्ड सिक्योरिटी इंचार्ज राना सिंह शामिल हैं। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। प्राचार्य ने बताया कि जांच टीम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गार्ड और स्वास्थ्य कर्मियों को कैसे नहीं लगी भनक?
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती है। अनुराग का पैर बुरी तरह से जख्मी था, इसके बाद भी वह वार्ड से बाहर निकल आया और पहली मंजिल से कूद भी गया। सवाल यह उठता है कि मरीज के बाहर निकलने की जानकारी गार्ड से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को कैसे नहीं हुई। कुछ लोग मरीज के लड़खड़ाकर गिरने की बात भी कह रहे हैं, लेकिन इस पर भी संशय बना हुआ है।