यूपी के अंबेडकरनगर में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव की अदालत ने यह फैसला सुनाया। घटना आलापुर थाना क्षेत्र के सहिजना हमजापुर गांव की। वर्ष 2015 में केस दर्ज कराया गया था।
मामले में राजेंद्र प्रसाद निषाद व गोपीचंद निवासी ग्राम सहिजना हमजापुर को आरोपी बनाया गया था। अभियोजन के अनुसार, 16 अगस्त 2015 को सुबह करीब 9 बजे आरोपियों पर बिजली की दुकान में घुसकर अनिल कुमार यादव व उनके पिता के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से रामगोविंद और अनिल कुमार को गवाह के रूप में पेश किया गया। हालांकि अदालत में दोनों गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। रामगोविंद ने जिरह के दौरान कहा कि भीड़ और धक्का-मुक्की में गिरने से चोट लगी थी तथा आरोपियों ने मारपीट नहीं की थी।
वहीं अनिल कुमार ने भी अदालत में कहा कि बिजली के सामान को लेकर कहासुनी हुई थी लेकिन आरोपियों ने न मारपीट की और न ही जान से मारने की धमकी दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। इस आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।