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कैसे हो मनोरंजन, टूटे पड़े हैं झूले तो सूखी है झील

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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय स्थित राजकीय उद्यान पार्क की बदहाली को लेकर बेफिक्री पसरी है। न तो उद्यान विभाग व और न ही प्रशासन समेत जनप्रतिनिधियों को यह फिक्र है कि बच्चों के मनोरंजन के लिए बने एक मात्र राजकीय पार्क में लगाए गए ज्यादातर झूले क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पार्क में बोटिंग के लिए बनायी गई झील लगभग पांच वर्ष से सूखी पड़ी है।
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उसमें फिर से नाव चलाने के लिए पानी तथा नई नाव के प्रबंध की सुध किसी को नहीं है। पार्क में आकर्षक लाइटिंग से लेकर मनोरंजन के अन्य साधनों में वृद्धि करने की जरूरत भी लंबे समय से कोई महसूस नहीं कर पाया है। नतीजतन प्रतिदिन यहां पहुंचने वाले बच्चों को निराश होकर ही लौटना पड़ता है।
गौरतलब है कि लगभग डेढ़ दशक पहले जिला मुख्यालय पर एक मात्र राजकीय पार्क की स्थापना तत्कालीन बसपा सरकार में मुख्यमंत्री मायावती ने करायी थी। पार्क की सौगात मिलने पर नागरिकों ने भारी खुशी का इजहार किया। पार्क में बच्चों के लिए झूले का प्रबंध हुआ। कुछ समय बाद एनटीपीसी के सहयोग से न सिर्फ फव्वारा लगा वरन प्रशासन ने तमसा नदी के किनारे पार्क होने का लाभ दिलाने के लिए झील का निर्माण भी कराया।
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एनटीपीसी के सहयोग से नाव का प्रबंध हुआ। इसके बाद झील में बच्चों को बोटिंग की सुविधा भी मिलने लगी। पार्क का लाभ न सिर्फ अकबरपुर नगर व आसपास बल्कि टांडा, जलालपुर व बसखारी आदि क्षेत्रों के बच्चों ने भी उठाना शुरू कर दिया। कुछ वर्षों तक सबकुछ ठीक ठाक चला।
बाद में डीएम विवेक ने यहां बच्चों की ट्रेन चलाने से लेकर पार्क की सुविधाओं में बढ़ोतरी आदि का प्रस्ताव तैयार कराया लेकिन उनके स्थानांतरण के साथ ही यह सबकुछ अधर में पड़ गया। उद्यान विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से बाद में पार्क लगातार बदहाल होने लगा।
नतीजतन पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगे ज्यादातर झूले पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें दुरुस्त कराने की सुध उद्यान विभाग को नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस तरफ कोई ध्यान अब तक नहीं दे पाए हैं। नागरिकों ने कई जनप्रतिनिधियों के सामने भी बदहाली की यह समस्या उठाई लेकिन कोई नतीजा नहीं मिला।
पार्क में बनी झील भी लगभग पांच वर्ष से सूखी पड़ी है। बोटिंग के लिए मंगाई गई दोनों नावें जर्जर हो गई हैं। बोटिंग के नाम पर अब सिर्फ सूखी हुई झील ही यहां बच्चों व महिलाओं आदि को देखने को मिलती है। पार्क में आकर्षक लाइटिंग समेत रेस्टोरेंट की सुविधा दिए जाने की मांग भी अनसुनी ही बनी हुई है। इन सबके चलते पार्क आने वाले बच्चों को निराश होकर ही लौटना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि पार्क में जो भी कमियां हैं, सभी दुरुस्त करायी जाएंगी। सुविधाओं में बढ़ोतरी कराई जाएगी। जो भी जरूरी इंतजाम संभव होंगे, वे सभी जल्द से जल्द कराए जाएंगे।
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