बसखारी/सुलेमपुर। बसखारी ब्लॉक में तैनात पंचायत सचिव अशोक राजभर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पिछले छह दिनों से बिना सूचना के वह कार्यस्थल से लापता हैं। इससे क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में विकास और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो गए हैं। मामला केवटला ग्राम पंचायत स्थित बाबा जीतादास आश्रम से जुड़ा है।
आरोप है कि बिरागीदास की मृत्यु के बाद उनके भतीजे मनीष यादव निवासी सकरैचा, धनघटा (संतकबीरनगर) का नाम अवैध तरीके से परिवार रजिस्टर में दर्ज किया गया। यह कार्य 28 नवंबर 2024 को तत्कालीन पंचायत सचिव अशोक राजभर की मिलीभगत से बिना सक्षम अधिकारी के निर्देश के किया गया। मनीष यादव ने 11 सितंबर 2023 को परिवार रजिस्टर की एक कूटरचित नकल भी प्राप्त कर ली थी। उस समय मूल रजिस्टर में उसका नाम दर्ज नहीं था। बाद में निवास प्रमाणपत्र बनवाने के दौरान इस दस्तावेज का उपयोग किया गया।
निवास प्रमाणपत्र जारी करते समय एनआईसी पोर्टल पर जांच में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई। सीओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत उमाशंकर सिंह से रिपोर्ट मांगी गई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन सचिव अशोक राजभर पर मनमानी और कूटरचना का आरोप लगाया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मनीष यादव का नाम नियमों के विरुद्ध दर्ज किया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर अशोक राजभर और मनीष यादव के खिलाफ कूटरचना, जालसाजी, धोखाधड़ी और ठगी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से पंचायत सचिव के ड्यूटी पर न होने के कारण सेमउर खानपुर, समसुद्दीनपुर, जैनुद्दीनपुर, बरहीं ऐदिलपुर, भूलेपुर, सिंहपुर और सेमरा नसीरपुर ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित हो गए हैं। प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाएं भी प्रभावित हैं। बीडीओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सचिव बिना सूचना के अनुपस्थित हैं। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।