रुकुनुद्दीनपुर विकास खंड अकबरपुर में बंद पड़ा पंचायत भवनल।
अंबेडकरनगर। जिले में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसानों की समस्याओं का आलम जस का तस है। जनपद के कुल 4,61,169 कृषकों की रजिस्ट्री होनी थी, जिसके सापेक्ष अब तक 2,90,746 की ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है।
सोमवार को विशेष अभियान के तीसरे दिन 3300 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई गई है। इसके बाद भी कई स्थानों पर पंचायत भवनों पर ताले लटके मिले, तो वहीं कुछ किसानों का नाम रजिस्ट्री में सही तरह से मिलान न होने और ओटीपी उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर न आने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि यह समस्या फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने से पहले से ही बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उपनिदेशक कृषि डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि जो पंचायत भवन बंद मिले हैं, उनपर कार्रवाई की जाएगी।
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केस 1
लटकता मिला ताला
सम्मनपुर के कुर्की बाजार के निकट रुकनुद्दीन पुर ग्राम पंचायत में सुबह से ताला बंद रहने की वजह से फार्मर रजिस्ट्रेशन के स्थिति का सही पता नही चल सका। ग्राम प्रधान त्रिवेणी यादव, सचिव राजेंद्र प्रसाद व पंचायत सहायक अमित पटेल के फोन पर पंचायत बंद होने का कारण जानना चाहा, लेकिन फोन नहीं लगा। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह पंचायत सहायक कुछ समय के लिए आए थे, गांव में किसी की मृत्यु हो जाने के कारण पंचायत बंद करके चले गए। कटेहरी के अन्नावा और घाघूपुर के पंचायत भवन भी बंद मिले।
केस 2
ओटीपी न आने से बनी समस्या
जलालपुर विकासखंड के गौरा कमालपुर गांव में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर कहीं जानकारी का अभाव है तो कहीं अभिलेख नाम गड़बड़ होने के कारण ग्रामीण वंचित हो रहे हैं। अंजनी लाल पाल ने बताया कि आधार कार्ड और खतौनी में नाम अलग-अलग होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। लेखपाल सुनवाई नहीं कर रहे हैं। संजय कुमार ने बताया कि आधार में मोबाइल नंबर फीड नहीं है जिसके कारण ओटीपी नहीं मिल पा रहा है।