धान बिक्री के लिए यदि आने वाले किसानों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। नतीजन किसानों को बिचौलियों के हाथों औने पौने दाम पर धान बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों में आक्रोश है।
सरकार ने इस बार खरीदने के लिए कामन धान की दर 1410 रुपए तथा ए ग्रेड के धान की खरीद 1450 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। मौसम की खराबी के चलते क्षेत्र में एक तरफ जहां पैदावार प्रभावित हुई है, वहीं धान तैयार होने में भी विलंब हुआ है।
इसे देखते हुए सरकार ने धान खरीद का कार्य इस बार अक्तूबर माह में शुरू करने की बजाए नवंबर से करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद क्षेत्र के अधिकांश क्रय केन्द्रों पर धान की खरीद नहीं की जा सका। साधन सहकारी समिति प्रतापपुर चमुर्खा को पीसीएफ द्वारा क्रय केन्द्र बनाया गया है।
यहां पर अब तक एक तोला धान नहीं खरीदा जा सका। मनमानी का आलम यह है कि समिति का अक्सर ताला ही जल्दी नहीं खुलता। इससे किसानों को धान औने पौने दाम पर बिचौलियों के हाथों बेचना पड़ रहा है।
कटेहरी के किसान रामपूजन यादव का कहना है कि क्रय केन्द्र कागजों में एक नवंबर से खुला है। परन्तु यहां खरीद का कार्य अब तक शुुरू नहीं हो सका है। बिचौलिए इसका फायदा उठा रहे हैं। वे किसानों का धान अधिकतम एक हजार से 1030 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं।
रबी फसल की बोआई के चलते किसानों को मजबूरन धान की बिक्री बिचौलियों करनी पड़ रही है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता व लापरवाही के चलते इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उधर केन्द्र प्रभारी राम सिंगार यादव ने बताया कि विभाग ने अभी तक क्रय केन्द्र पर बोरे उपलब्ध नहीं कराया है। इससे धान की खरीद नहीं हो पा रही है।