अंबेडकरनगर। वैध वारिस प्रमाणपत्र न होने के चलते जिले के पांच मृतक किसानों के परिजन वर्ष 2021-22 से धान खरीद का भुगतान पाने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। इन किसानों के आश्रितों का 5.27 लाख का भुगतान संबंधित क्रय एजेंसियों के पास साल भर से अटका है। पीड़ितों की शिकायत पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने इसके लिए एसडीएम अकबरपुर, टांडा, भीटी व जलालपुर को पत्र लिखकर वैध प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया है।
वर्ष 2021-22 में विभिन्न तहसील क्षेत्रों में मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों ने अलग अलग क्रय केन्द्रों पर धान की बिक्री की थी। भुगतान होने से पहले अकबरपुर के दो, जलालपुर के एक, टांडा के एक व भीटी के एक किसान की मौत हो गई थी। इसके चलते उनके द्वारा बेची गयी उपज का भुगतान अधर में लटका है।
भुगतान के लिए क्रय एजेंसियां किसानों के वारिसों से वैध प्रमाण पत्र की मांग कर रही हैं। इसके तहत अकबरपुर के मृतक किसान गुजराती सिंह का 54320 महातम सिंह का 97 हजार, जलालपुर के अमरनाथ का 44232, टांडा के अंजनी का 1.76 लाख और भीटी के संतराम का 1.55 लाख भुगतान बकाया पड़ा है।
अब तक वारिस प्रमाण पत्र न बन पाने के चलते आश्रितों को होने वाले भुगतान में अड़ंगा लगा हुआ है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजेश कुमार ने इस संबंध में संबंधित एसडीएम को पत्र लिखकर किसानों को वैध वारिस प्रमाण पत्र निर्गत कराने का अनुरोध भी किया है।