अंबेडकरनगर। धान खरीद में बिचौलियों की भूमिका पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अब प्रशासन ने व्यवस्था और सख्त कर दी है। किसी भी केंद्र पर धान बिक्री के लिए अब तहसील से टोकन लेना अनिवार्य होगा। किसान के घर जाकर लेखपाल धान की उपलब्धता का सत्यापन करेंगे। इसके बाद सिर्फ एसडीएम के हस्ताक्षर से टोकन जारी होंगे, जिस पर धान की बिक्री की जा सकेगी।
जिले में धान खरीद को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार नए-नए प्रयोग कर रहा है। लगातार क्रय प्रभारियों व बिचौलियों पर कार्रवाई की जा रही है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए केंद्रों व कांटों की संख्या बढ़ाई जा रही। डीएम राकेश कुमार मिश्र आये दिन स्वयं अलग-अलग धान क्रय केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। इस बीच प्रशासन ने धान खरीद में अब और सख्ती लागू की है। यह जानकारी प्रभारी अधिकारी व एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने शुक्रवार को दी।
उन्होेंने बताया कि बीते दिनों डीएम के निर्देश पर अवशेष किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन कराया गया। 50 से अधिक किसान सत्यापन योग्य नहीं पाए गए। ऐसे किसानों का सत्यापन निरस्त कर दिया गया। ऐसे में डीएम राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर 18 जनवरी से किसी भी केंद्र पर धान विक्रय के लिए तहसील से टोकन प्राप्त करना अनिवार्य है। टोकन देने से पहले किसानों के घर लेखपालों को भेजकर धान की उपलब्धता का सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद सिर्फ एसडीएम के हस्ताक्षर से टोकन जारी होगा। इसके बाद ही धान की बिक्री की जा सकेगी।
इसी तरह अकबरपुर मंडी परिसर स्थित सभी क्रय केंद्रों के लिए भी संबंधित एसडीएम से टोकन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के तहत अब सोमवार व मंगलवार को अकबरपुर मंडी परिसर में धान लदी ट्रॉलियों की आवक पर रोक होगी, जिससे परिसर में पहले से खड़ी ट्रॉलियों पर लदे धान की तौल की जा सके। इसके बाद बुधवार से उन्हीं ट्रॉलियों को मंडी परिसर में प्रवेश दिया जाएगा, जिनका टोकन एसडीएम के यहां से जारी हुआ होगा।