अंबेडकरनगर। खुद के पास ट्रैक्टर व बंदूक के साथ ही पक्का मकान होने के साथ ही हर तरह से साधन संपन्न लोग भी गरीबों के अनाज पर डाका डाल रहे हैं। ऐसे लोग अपात्र होने के बावजूद जोड़ तोड़ के सहारे कोटे के खाद्यान्न को लेने का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। आपूर्ति विभाग ने ऐसे डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने को कार्डधारियों के सत्यापन की कवायद शुरू की है। इसके तहत अभी तक छह हजार कार्डधारी चिह्नित हुए हैं। ऐसे अपात्रों को कार्रवाई से बचने के लिए अपना राशन कार्ड सरेंडर करने की मोहलत के बावजूद अभी तक सिर्फ 94 अपात्रों ने ही पूर्व में बना राशन कार्ड निरस्त करने कराने की पहल की है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि अपात्रता के बावजूद कोटे के राशन अनाज को लेने का मोह न छोड़ पाने वाले अपात्र कार्डधारियों के खिलाफ अब रिकवरी कार्रवाई शुरू होगी। इसके तहत ऐसे राशन कार्ड पर अब तक हुई अनाज उठान का मूल्यांकन कर उसकी पूरी राशि संबंधित कार्डधारी से वसूली जाएगी। अपात्रता के बाद भी राशन कोटे का खाद्यान्न ले रहे कार्डधारकों को दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अपना राशन कार्ड संबंधित अधिकारी के कार्यालय में समर्पण करने का मौका शासन ने दिया था।
डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद अब तक मात्र 94 कार्डधारकों ने ही अपने राशनकार्ड का समर्पण किया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 1126 कोटे की दुकानों से कुल 4 लाख 1 हजार राशनकार्डधारक जुड़े हुए हैं। इसमें 69967 अन्त्योदय, जबकि 3 लाख 31 हजार 33 पात्र गृहस्थी राशनकार्डधारक हैं। बीते दिनों तमाम ऐसी शिकायतें सामने आईं, जिसमें कहा गया कि तमाम राशनकार्डधारक ऐसे हैं, जो अपात्र हैं, लेकिन इसके बाद भी कोटे से खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं।
जिला पूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब तक मात्र 94 व्यक्तियों ने ही अपने राशनकार्ड सरेंडर किए हैं। इसमें जिला मुख्यालय पर 4, अकबरपुर तहसील में 17, टांडा में 15, जलालपुर में 25, भीटी में 19 व आलापुर तहसील क्षेत्र के 14 कार्डधारी शामिल हैं। विभागीय स्तर पर शुरू हुए सत्यापन में अब तक 6 हजार ऐसे अपात्र कार्डधारी चिह्नित हुए हैं जो ट्रैक्टर, शस्त्र व सरकारी सेवाओं में कार्यरत होने के बाद भी गरीबों के हिस्से के अनाज को हड़प रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने ने बताया कि ऐसे अपात्र कार्डधारकों के खिलाफ अब जल्दी ही रिकवरी की कार्रवाई शुरू होगी। इसके लिए डीएम की संस्तुति मिलने के बाद संबंधित विकास खंड अधिकारियों के माध्यम से ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायतों में अभियान चलाकर अपात्रों को चिह्नित कर उनके द्वारा हुई अनाज उठान का मूल्यांकन कर उसे वसूल किए जाने के साथ ही राशन कार्ड को निरस्त किया जाएगा।