अंबेडकरनगर। कारतूस कारोबार से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पिछले पांच वर्षों में 19,400 कारतूस खरीदने के लिए प्रयुक्त आजमगढ़ के 206 शस्त्र लाइसेंसों में से 113 फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में आजमगढ़ प्रशासन और पुलिस ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट अंबेडकरनगर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। अब इन फर्जी लाइसेंसधारकों की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है और स्थानीय विक्रेताओं से इनका संबंध भी खोजा जा रहा है।
इस खुलासे ने न केवल जिले में हलचल मचा दी है, बल्कि प्रदेश भर में शस्त्र लाइसेंस सत्यापन अभियान को भी जन्म दे दिया है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिये कारतूस की अवैध खरीद-फरोख्त का मामला सामने आने के बाद अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ एस ने 12 सितंबर से 12 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस सत्यापन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अंबेडकरनगर जिले में 19,000 से अधिक शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जा रही है। अधिकांश फर्जी लाइसेंस आजमगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों बूढ़नपुर, सगड़ी और फूलपुर तहसीलों के पाए गए हैं। इन इलाकों से अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर, जलालपुर, जहांगीरगंज और आलापुर थाना क्षेत्रों में भारी मात्रा में कारतूस खरीदे गए। जिले में पहले भी कई आपराधिक मामलों में आजमगढ़ के बदमाशों की संलिप्तता सामने आ चुकी है, जिससे यह आशंका गहराई है कि इन फर्जी लाइसेंसों से खरीदे गए कारतूसों का उपयोग अपराधों में हुआ होगा।
आंकड़े एक नजर में
14 अगस्त। हंसवर पुलिस ने बसखारी निवासी अनुराग यादव को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने आजमगढ़ के अतरौलिया निवासी ज्ञानचंद से पिस्टल की गोलियां खरीदने की बात कबूली थी।
16 अगस्त। पुलिस ने अनुराग से फोन करवाकर ज्ञानचंद को हंसवर के मोहम्मदपुर मुसलमान टडवा धारुपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित ट्यूबवेल के पास बुलवाया और गिरफ्तार किया। इसके पास से दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस और पांच कारतूस मिले थे।
16 अगस्त। पूछताछ के दौरान अवध गन हाउस अकबरपुर से फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर कारतूस खरीदने की बात सामने आई थी।
17 अगस्त। पुलिस ने अवध गन हाउस के मालिक सुखी लाल वर्मा और मुनीम विकास कुमार को गिरफ्तार किया।
17 अगस्त। बसखारी के नूरी गली निवासी आर्यन यादव उर्फ शनि यादव और एदलपुर डोडो निवासी हेमंत यादव उर्फ सन्नू को गिरफ्तार किया।
18 अगस्त। तीन दिनों का विशेष अभियान शुरू किया गया। आठ शस्त्र विक्रेताओं की छानबीन के दौरान आजमगढ़ के 206 शस्त्र लाइसेंंसों पर करीब 19400 कारतूस की खरीदारी होने की पुष्टि हुई।
25 अगस्त। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने आजमगढ़ डीएम को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी।
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