अंबेडकरनगर। पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय के लिए स्वीकृत 10 लाख रुपये के बैंक ऋण में रकम के दुरुपयोग का आरोप लगा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार ने इस मामले में तत्कालीन एसबीआई बसखारी शाखा प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश बसखारी थानाध्यक्ष को दिया है।
बसखारी के महोइया निवासी राम अजोर ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में ऋण स्वीकृत हुआ था। कोतूपुर निवासी सर्वेश पांडेय और मकोइया निवासी कृष्ण कुमार दूबे उर्फ सोनी ने खुद को बैंक एजेंट बताया। उन्होंने ऋण प्रक्रिया में मदद करने का दावा किया। आरोप है कि दोनों ने शाखा प्रबंधक के साथ मिलकर ऋण की रकम में गड़बड़ी की। (संवाद)
राम अजोर को पूरी ऋण राशि नहीं मिली। उनके खाते में केवल 1.35 लाख रुपये भेजे गए थे। बाद में उनसे 10 लाख रुपये के चेक पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शेष रकम का इस्तेमाल उनकी जानकारी और सहमति के बिना किया गया। पुलिस बैंक अभिलेखों, ऋण संबंधी दस्तावेज और धनराशि के लेन-देन की जांच करेगी।