अंबेडकरनगर। जिला उपभोक्ता फोरम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है। यह आदेश कटेहरी की लीलावती के नसबंदी फेल होने के 2012 के मामले में क्षतिपूर्ति न देने पर सुनवाई करते हुए दिया गया है।
कटेहरी विकास खंड के लाखीपुर मिश्रौली की लीलावती ने पांच मार्च 2010 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी में नसबंदी कराई थी। नसबंदी असफल होने के कारण चार अगस्त 2012 को उन्हें एक पुत्री को जन्म दिया था। इस दौरान वह कई बार सरकारी अस्पतालों में जांच भी कराती रहीं। लीलावती ने सीएमओ अंबेडकरनगर के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया था। 28 दिसंबर 2013 को लोक अदालत में तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी ने क्षतिपूर्ति देने की सहमति दी लेकिन बार-बार सीएमओ कार्यालय जाने के बावजूद क्षतिपूर्ति नहीं मिली थी। इस पर लीलावती ने फिर से न्यायालय का रुख किया था।
न्यायालय ने सीएमओ को कई बार उपस्थित होने के लिए वारंट जारी किया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष दयाराम ने सीएमओ के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था। अकबरपुर कोतवाली के दारोगा अजय कुमार त्रिपाठी ने सीएमओ के आश्वासन पर तामीला न करके वारंट वापस कर दिया था। सीओ ने भी इसे अग्रसारित कर दिया था। इस पर न्यायालय ने सीएमओ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के अलावा सीओ के खिलाफ जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश एसपी को दिए हैं। अगली सुनवाई छह अगस्त को निर्धारित की गई है। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि वारंट जारी हुआ है।