रविवार को मरीजों के दबाव के कारण स्ट्रेचर पर मरीज का किया गया उपचार। संवाद
अंबेडकरनगर। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी बंद रही। ऐसे में मरीजों का पूरा दबाव इमरजेंसी पर आ गया। सुबह से ही इमरजेंसी वार्ड में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ बढ़ती गई। दोपहर तक इमरजेंसी के सभी बेड भर गए। जगह की कमी के कारण अस्पताल प्रशासन को कई मरीजों का स्ट्रेचर पर ही इलाज करना पड़ा।
मौसम में बदलाव के बीच रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और सर्पदंश के मरीजों की संख्या अधिक रही। सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों का दबाव काफी ज्यादा रहा। ओपीडी बंद होने के कारण नियमित चिकित्सकीय परामर्श से वंचित मरीज बड़ी संख्या में सीधे इमरजेंसी पहुंचे। इससे वार्ड में पूरे दिन भीड़ बनी रही।
दोपहर तीन बजे तक इमरजेंसी में 35 मरीजों को भर्ती किया जा चुका था। इनमें सर्पदंश के तीन, बुखार के पांच और पेट दर्द के चार मरीज शामिल रहे। अन्य मरीज भी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उपचार के लिए पहुंचे। बेड की कमी के कारण मरीजों को खाली होने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मांग भी बढ़ गई। मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को अतिरिक्त दबाव में काम करना पड़ा।
ईएमओ डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों बुखार और पेट दर्द के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार को ओपीडी बंद रहने से इमरजेंसी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक हो जाती है।
इन्हें किया गया भर्ती
इमरजेंसी में बहलोलपुर निवासी शांती, मीठापुर सरैया निवासी मालती और ताराखुर्द निवासी शहमुल्ला को भर्ती किया गया। बुखार की शिकायत पर इस्माइलपुर निवासी आर्या, राबीबहाउद्दीनपुर निवासी सना खातून, जमालुद्दीनपुर निवासी कैलाश और हलोरा निवासी मोतीलाल को भी भर्ती कर उपचार दिया गया। पेट दर्द की समस्या लेकर पहुंचे मरीजों का भी इलाज किया गया।