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यूपी: रंगों के फेर में फंसी सियासत, सपा के नीले साफे और भगवा रंग पर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

Sat, 19 Sep 2026 01:31 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर

सार

चुनाव से पहले यूपी की सियासत रंगों के फेर में फंसती दिख रही है। मंत्री ओपी राजभर ने सपा के नीले साफे और भगवा रंग पर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। साथ ही राहुल गांधी पर भी जुबानी हमला बोला। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के अंबेडकरनगर पहुंचे कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव के नीले साफे पर तंज कसते हुए कहा कि इसे देखकर दलित समाज को सावधान हो जाना चाहिए। नीले रंग को 2 जून के स्टेट गेस्ट हाउस कांड, प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने और महापुरुषों के नाम पर रखे जिलों व अस्पतालों के नाम बदले जाने से भी जोड़ा। साथ ही सपा सरकार के फैसलों की आलोचना की।

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जिले केप्रभारी मंत्री ने अखिलेश के भगवा रंग अपनाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में रामभक्तों पर गोली चलाने की घटना की याद आती है, जबकि वर्तमान में भगवा रंग योगी आदित्यनाथ सरकार में माफिया और गैंगवार के खिलाफ कार्रवाई का प्रतीक बन गया है। सपा पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने डिंपल यादव के पुराने बयान का भी उल्लेख।

पिछड़ों-दलितों से दूरी बनाए रखेंगे अखिलेश

अखिलेश यादव की प्रस्तावित रथ यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह महंगी गाड़ी में बैठकर रथ के ऊपर से हाथ हिलाएंगे और पिछड़ों-दलितों से दूरी बनाए रखेंगे। सुभासपा सपा के रथ के पीछे 'सावधान यात्रा' निकालेगी। इसमें नाई, प्रजापति, पाल, गोंड, लोहार, निषाद, राजभर, चौहान और पटेल समेत अन्य पिछड़ी जातियों के बीच सपा की नीतियों को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।

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राहुल गांधी के लोकतंत्र और छोटी पार्टियों को खत्म किए जाने संबंधी आरोपों पर ओमप्रकाश राजभर कहा कि छोटी पार्टियों को कमजोर करने का काम कांग्रेस के इतिहास में रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी के मुद्दे पर कहा कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी द्वारा दाखिल हलफनामे में दर्ज मुकदमों की जानकारी सामने आने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होती है। इसे राजनीतिक कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

आरक्षण का लाभ कुछ ही जातियों तक सीमित रहा

ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ कुछ ही जातियों तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि 3 सितंबर 2013 के हाई कोर्ट के फैसले में आरक्षण के वर्गीकरण की बात सामने आने के बावजूद तत्कालीन अखिलेश सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।

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