अंबेडकरनगर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया बेहद धीमी साबित हो रही है। जिले के 832 निजी विद्यालयों की कुल 5,247 आरक्षित सीटों के सापेक्ष तीन चरण पूरे होने के बाद भी अब तक केवल 1,326 बच्चों को ही सीटें आवंटित हो सकी हैं। इनमें से मात्र 598 बच्चों का ही प्रवेश सुनिश्चित हो पाया है, जबकि 3,921 सीटें अब भी रिक्त हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, तीनों चरणों में कुल 2,909 आवेदन प्राप्त हुए थे। पहले चरण में आए 1,115 आवेदनों में से 492 निरस्त हुए और 548 को सीट मिली।
दूसरे चरण के 943 आवेदनों में से 433 सत्यापित हुए और 403 का चयन हुआ। वहीं, तीसरे चरण में 851 आवेदनों में से 449 सही पाए गए, जिनमें से 375 बच्चों को स्कूल आवंटित हुए।
सत्यापन में बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने और जानकारी के अभाव में यह योजना लक्ष्य से काफी पीछे है। सोमवार को कई अभिभावक बीएसए कार्यालय पहुंचे, जिन्हें नियमों की जटिलता और समय सीमा की जानकारी ही नहीं थी।
आवेदन कम होने और विभागीय औपचारिकताओं के कारण जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने की यह मुहिम जिले में फिलहाल परवान नहीं चढ़ पा रही है।