आलापुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के नरवा पितांबरपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में के छठवें दिन बृहस्पतिवार को वार को छठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया। प्रवाचक पंडित ओमनारायण त्रिपाठी बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
उन्होंने श्रोताओं से कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और सत्य को अपनाना चाहिए, क्योंकि यही मार्ग हमें भगवान के निकट ले जाता है। कथा के दौरान प्रवाचक ने वामन अवतार, गजेंद्र मोक्ष, वृंदावन की बाल लीलाओं व प्रह्लाद भक्ति के प्रसंगों का वर्णन किया।उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं और कठिन से कठिन परिस्थिति में भी उनका सहारा बनते हैं। उन्होंने समाज में बढ़ रही नकारात्मकता पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका समाधान केवल सत्संग और धर्म से ही संभव है। कथा के दौरान पंडाल में राधे-राधे और श्याम नाम की मधुर तान जैसे भजनों की गूंज से वातावरण दिव्यता से भर उठा। कई श्रद्धालु कथा सुनते-सुनते भावविभोर हो उठे और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। कथा के दौरान दीपों की रोशनी और शंख-घड़ियाल की ध्वनि से पूरा पंडाल दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा। आरती के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान आयोजक मनीष मिश्र, विनोद मिश्रा, मनोज मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मुकेश कुमार और सतीश आदि मौजूद रहे।