अंबेडकरनगर। गेहूं खरीद संपन्न हुए लगभग एक माह बीतने को है, लेकिन अभी भी लगभग डेढ़ हजार किसानों का 1 करोड़ 37 लाख 548 रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। किसानों का सबसे अधिक पीसीएफ 1 करोड़ 36 लाख 723 रुपये दबाए बैठी है। भुगतान के लिए संबंधित किसान लगातार जिम्मेदारों की चौखट पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नतीजा यह है कि भुगतान न होने से संबंधित किसान परेशान हैं।
कोरोना महामारी के बीच जब विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलें लोगों के सामने खड़ी हो रही हैं, तो ऐसे में किसानों का बकाया भुगतान न होना एक बड़ी दिक्कत बनी हुई है। जिले में लगभग डेढ़ हजार गेहूं किसान ऐसे हैं, जिनका लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। बताते चलें कि जिले में 4 एजेंसी के 72 केंद्रों पर गत 22 जून तक गेहूं की खरीदारी हुई थी। 16 हजार 75 किसानों का 60992.761 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई थी। खरीदारी के साथ-साथ बिक्री करने वाले किसानों का भुगतान समय पर किए जाने का दावा खाद्य एवं विपणन विभाग ने किया था, लेकिन अब तक लगभग डेढ़ हजार किसान ऐसे हैं, जिनका भुगतान नहीं हो सका है।
खाद्य एवं विपणन विभाग के अनुसार मौजूदा समय में लगभग डेढ़ हजार किसानों का 1 करोड़ 37 लाख 548 रुपये का बकाया है। इसमें सबसे अधिक पीसीएफ 1 करोड़ 36 लाख 723 रुपये दबाए बैठी है। पीसीएफ ने 9 हजार 97 किसानों का 32163.811 एमटी गेहूं की खरीदारी की थी। लगभग डेढ़ हजार किसानों का भुगतान अब नहीं किया जा सका है। इसके अलावा खाद्य विभाग की ओर से मात्र एक किसान का 82 हजार 400 रुपये का बकाया है। नतीजा यह है कि भुगतान न होने से संबंधित किसानों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक मुश्किलें हो रही हैं। भुगतान के लिए भटक रहे किसानों का कहना है कि आर्थिक मुश्किलों को देखते हुए अविलंब भुगतान किया जाए। जिम्मेदारों को इसकी सुध लेनी चाहिए।
शीघ्र हो जाएगा बकाया भुगतान
खातों में गड़बड़ी के अलावा कुछ अन्य समस्याओं के चलते ही भुगतान में कुछ समस्या हो रही है। गड़बड़ी को दूर करने के बीच खाते में राशि भेजे जाने का कार्य तेज कर दिया गया है। शीघ्र ही सभी किसानों के खाते में राशि भेज दी जाएगी।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी