राशन की दुकान (कोटा) चयन की बैठक छठवीं बार निरस्त होने पर शुक्रवार को रामपुर मलिकपुर के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने जमकर हंगामा करने के साथ खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), वीडीओ व तीन सेक्रेटरी को घेरकर बंधक बना लिया।
इसके साथ चेतावनी दी कि जब तक कोटा चयन की प्रक्रिया अमल में नहीं लायी जाएगी, तब तक किसी भी अधिकारी को मुक्त नहीं किया जाएगा। इस सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह समझाया और पुलिस बुलाई। 29 जुलाई को बैठक आयोजित कर कोटा चयन की प्रक्रिया निपटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
मालूम हो कि ग्राम रामपुर मलिकपुर का कोटा काफी समय से निरस्त चल रहा है। गांव में नए कोटे के चयन को लेकर पांच बार बैठक आयोजित हुई। हालांकि ग्रामीणों के मुताबिक कभी ग्राम प्रधान की गैरमौजूदगी तो कभी अन्य कारणों से कोटे का चयन नहीं हो पाया। शुक्रवार को एक बार फिर गांव के कोटे के चयन के लिए तिथि निर्धारित की गई।
ग्राम विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र, श्रीराम पासवान व विनय कुमार मिश्र सहित कई लोग गांव पहुंचे और पंचायत भवन में खुली बैठक शुरू हुई। बताया जाता है कि इस बार भी ग्राम प्रधान बैठक में नहीं पहुंचे। इस पर अधिकारी बैठक स्थगित करने की बात करने लगे। इससे ग्रामीण भड़क गया।
उन्होंने वीडीओ व अन्य कर्मचारियों को कमरे से बाहर जाने से रोककर वहीं बंधक बना लिया। यह सूचना बीडीओ कर्मराज को मिली तो बीओ पीआरडी अशोक सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। नाराज ग्रामीणों ने बीडीओ व बीओ को भी कमरे में घेर कर रोक लिया। कहा कि जब तक कोटे का चयन नहीं हो जाता, तब तक किसी अधिकारी व कर्मचारी को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए बीडीओ ने इसकी सूचना आलापुर पुलिस को दी। सूचना पर एसओ देवीचरन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में बीडीओ ने आश्वासन दिया कि 29 जुलाई को बैठक की जाएगी। इसमें कोटे का चयन सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। उधर ग्राम प्रधान सुरेश यादव का कहना है कि स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वह बैठक में नहीं पहुंच सके। उधर बीडीओ कर्मराज ने ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए जाने से इनकार किया है। कहा कि ग्रामीणों में नाराजगी थी जिसे दूर करा दिया गया।