फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: एनटीपीसी की पुरानी इकाई बंद, 1600 मेगावाट की नई यूनिट लगाने की तैयारी

Wed, 24 Sep 2025 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
विज्ञापन
एनटीपीसी टांडा परिसर
विज्ञापन
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। एनटीपीसी टांडा की 440 मेगावाट क्षमता वाली पुरानी विद्युत इकाई को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह निर्णय इकाई की पुरानी तकनीक और पंजीकरण के रिन्युअल न होने के कारण लिया गया है। अब इसके स्थान पर 1600 मेगावाट की आधुनिक सुपर क्रिटिकल तकनीक वाली यूनिट स्थापित किए जाने की तैयारी चल रही है, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विज्ञापन

बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में परियोजना प्रमुख जयदेव परिदा ने बताया कि एनटीपीसी टांडा परियोजना की शुरुआत 440 मेगावाट की यूनिट से हुई थी, जिसमें सब-क्रिटिकल तकनीक का प्रयोग किया गया था। यह यूनिट करीब 461.975 हेक्टेयर क्षेत्रफल में संचालित की जा रही थी, जिसका पंजीकरण जनवरी 2025 तक वैध था। रिन्युअल न होने के चलते इसे बंद कर दिया गया है। इसके बाद परियोजना का विस्तार करते हुए 1320 मेगावाट की दूसरी यूनिट लगाई गई, जो 313.047 हेक्टेयर भूमि पर आधारित है। इसमें सुपर क्रिटिकल तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है और यह सालाना लगभग 5.2 बिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर रही है। नई 1600 मेगावाट की प्रस्तावित यूनिट से इस उत्पादन में और तेजी आएगी।
सामाजिक सरोकारों में भी एनटीपीसी की अग्रणी भूमिका
परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अग्रणी है, बल्कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इससे आसपास के गांवों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। उन्होंने बताया कि भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 2047 तक विकसित भारत का जो लक्ष्य है, उसमें एनटीपीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।
विज्ञापन


लघु फिल्म से मिली परियोजना की झलककार्यक्रम की शुरुआत उप महाप्रबंधक (योजना एवं प्रणाली) ऋषभ जायसवाल ने परियोजना पर विस्तार से जानकारी देकर की। इस दौरान एनटीपीसी के सीएसआर के प्रयासों और एनएफएन दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की गतिविधियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ प्रबंधक नवीन अनमोल हेरेंज एवं संचालन जनसंपर्क अधिकारी वरुण सोनी ने किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (ईंधन प्रबंधन) राम नारायण त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक अनुरक्षण प्रमोद कुमार गोयल, रजनीश कुमार खेतान, मयंक सक्सेना समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
देशभर में होती है टांडा की बिजली रोशन एनटीपीसी टांडा को कोयले की आपूर्ति झारखंड के पकरी बरवाडीह से होती है। यहां उत्पादित बिजली उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ जैसे राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भेजी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें