अंबेडकरनगर। एनटीपीसी में 660 मेगावाट क्षमता वाली नवनिर्मित इकाई का शनिवार को सफलता पूर्वक रन परीक्षण किया गया। दूसरे प्रयास में ही 663 मेगावाट बिजली उत्पादन की सफलता मिलने से मौके पर मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। एक दूसरे को गले लगाकर सफल परीक्षण पर बधाई दी। एनटीपीसी प्रशासन के अनुसार शीघ्र ही 660 मेगावाट बिजली को कामर्शियल कर दिया जाएगा। नई इकाई के सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद अब एनटीपीसी की बिजली उत्पादन क्षमता 1100 मेगावाट हो गई है।
एनटीपीसी में अब तक 110-110 मेगावाट क्षमता की चार इकाई कार्य कर रही हैं। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एनटीपीसी ने 660-660 मेगावाट की दो इकाई की स्थापना करने का निर्णय लिया था। लंबे समय तक तमाम उतार चढ़ाव के बाद दोनों इकाई की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। बीते दिनों 660 मेगावाट क्षमता वाली एक इकाई के तैयार होने पर रन परीक्षण किया गया, लेकिन मात्र 356 मेगावाट बिजली उत्पादन ही हो पाया था।
तकनीकी टीमों द्वारा लगातार काम करने के बाद शनिवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर कार्यकारी निदेशक केएस राजीव की मौजूदगी में एक बार फिर से रन परीक्षण किया गया। इस बार परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। एनटीपीसी के अनुसार इस परीक्षण में 663 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ।
परीक्षण के सफल होने पर वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। एक दूसरों को गले लगाकर सफलता की बधाई दी। नई इकाई के सफल परीक्षण के बाद अब एनटीपीसी में बिजली उत्पादन की क्षमता 440 मेगावाट से बढ़कर 1100 मेगावॉट हो गई है।
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि शीघ्र ही नई इकाई से उत्पादित होने वाली बिजली को कामर्शियल कर दिया जाएगा। दूसरी 660 मेगावॉट इकाई का कार्य भी 2020 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सभी इकाईयों के कार्य करने के बाद एनटीपीसी की बिजली उत्पादन क्षमता 1760 मेगावाट हो जाएगी। बताया कि 71 प्रतिशत बिजली सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही सप्लाई की जाएगी। इससे प्रदेश में बिजली समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। इस मौके पर मुख्य महाप्रबंधक प्रचालन केएस राव तथा महाप्रबंधक टेस्टिंग जयंता सेन शर्मा आदि मौजूद रहे।