अंबेडकरनगर। ई-टिकटों की दलाली कर आम लोगों का सफर मुश्किल बनाने वाले दलालों पर रेलवे अब प्रबल शिकंजा कसेगा। ऐसे दलालों की धरपकड़ के लिए आरपीएफ की साइबर शाखा ने विशेष निगरानी शुरू की है। आरपीएफ की साइबर शाखा प्रबल के माध्यम से प्रतिबंधित साफ्टवेयरों से टिकट बुक करने वालों को दबोचने में आसानी होगी। इसी की मदद से बीते दिनों आरपीएफ के चंगुल में बसखारी व हंसवर में सक्रिय दो टिकट दलाल आए थे।
निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आईआरसीटीसी ने बीते दिनों टिकट बुकिंग एजेंटों की सूची मांगी थी, जिन्हें चिन्हित कर मुख्यालय भेज दिया गया है। अकबरपुर रेलवे स्टेशन से हर दिन 29 ट्रेनों का संचालन होता है। इससे हर दिन तीन हजार से अधिक यात्रियोंं का आवागमन होता है। त्योहारों पर यह संख्या दो गुना तक पहुंच जाती है। सामान्य दिनों मेंं भी तत्काल बुकिंग के टिकट को लेकर मारा मारी रहती है।
दलाल अवैध तरीके से ई-टिकटों की बुकिंग के लिए साफ्टवेयर का भी सहारा लेते हैं। ऐसे दलालों की धरपकड़ के लिए आरपीएफ की ओर से प्रबल निगरानी से शिकंजा कसा जा रहा है। साथ ही रेलवे काउंटरों पर भी विशेष सतर्कता बरतने के साथ टिकट व बुकिंग काउंटरों के पास लगे सीसीटीवी कैमरे नियमित तौर पर क्रियाशील रखने के लिए निर्देशित किया है। काउंटरों पर सिविल कपड़ों में आरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। इसकी मदद से ही बीते माह आरपीएफ ने बसखारी में पर्सनल आइडी से टिकट बुक करने वाले दो टिकट दलालों को पकड़ा था।
टिकटोंं की अवैध दलाली रोकने के लिए रेलवे पुलिस पूरी तरह सजगता बरत रही है। प्रबल से मिले इनपुट के आधार पर अभी तक दो दलालों को पकड़ा गया है। अपील की कि यदि किसी को अवैध टिकटों की बुकिंग के बारे में कोई जानकारी मिले तो वह तत्काल इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दे।
जीएस गौतम, आरपीएफ प्रभारी