अंबेडकरनगर। ई-साक्ष्य एप की मदद से पुलिस को अपराध स्थल, आरोपी की तलाशी और जब्ती की रिकॉर्डिंग करने में सुगमता मिलेगी। प्रत्येक रिकॉर्डिंग अधिकतम 10 मिनट की होगी और एफआईआर के लिए एकाधिक रिकॉर्डिंग अपलोड की जाएगी। साक्ष्यों को पेन ड्राइव, सीडी और डीवीडी के माध्यम से सुरक्षित रखने का झंझट समाप्त हुआ है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बाद से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर जोर दिया जा रहा है। एप के माध्यम से विवेचक मोबाइल के माध्यम से पीड़ितों और गवाहों के बयान, सीजर की कार्रवाई और क्राइम सीन तक के फोटो और वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इससे जहां केस की सुनवाई में तेजी आएगी, वहीं पुलिस को साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए नहीं जाना होगा। एप के माध्यम से एक क्लिक पर जानकारी मिल जाएगी। एप पर घटनास्थल पर मिले पीड़ित के बयान दर्ज करने, आरोपियों की तलाश करने व सीजर की कार्रवाई का वीडियो अपलोड किया जा सकेगा। जिले के आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण प्राप्त कराया जा चुका है जो अब अलग-अलग सेशन कर निरीक्षक व उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
सबूत मोबाइल में रहेंगे
बदमाशों के विरुद्ध जुटाए गए सबूत पुलिस के मोबाइल में रहेंगे। अपराधियों को सजा दिलाने में यह काफी कारगार साबित होगा।
- हरेंद्र कुमार, एएसपी पश्चिमी