इन सभी ने वेतन तो हर माह लिया लेकिन जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण या अन्य किसी भी स्वास्थ्य सी जुड़ी योजना में कोई भागीदारी नहीं र्की । नोटिस में कहा गया है कि यदि एक सप्ताह के अंदर कोई जवाब न दिया गया तो उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि केंद्र व प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के कुशल संचालन के लिए शासन से जिले में 101 एएनएम की तैनाती की गई है। एएनएम गांवों में महिला मरीजों को सुलभता से मिल सकें, इसके लिए एएनएम सेंटर भी खोले गए हैं। इन सेंटर पर 24 घंटे एएनएम को रहने का निर्देश है।
एएनएम पर तैनाती वाले गांवों में पहुंचकर महिलाओं का इलाज करने के साथ ही टीकाकरण के व सरकारी योजनाओं को संचालित करने की जिम्मेदारी है। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले की 13 एएनएम ऐसी हैं जो अपने क्षेत्र में कोई कार्य नहीं कर रही हैं।
उनके द्वारा मौजूदा वित्तीय वर्ष की शुरुआत से अब तक स्वास्थ्य केन्द्रों पर न तो किसी महिला का प्रसव कराया गया और न ही अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल उनके स्तर से की गई। कर्तव्यों के प्रति उनकी इस उदासीनता को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
अपर सीएमओ डॉ जीआर चन्द्रा ने बताया कि ऐसे एएनएम पर अब जल्द ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बताया कि ऐसे एएनएम की सूची तैयार कर ली गई है, जो विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रही हैं।