उपभोक्ताओं के हित को लेकर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह कि सोमवार दोपहर से पहले आई सर्वर की खराबी अभी तक नहीं दुरुस्त की जा सकी। नतीजतन बीते चार दिनों में बैंक से जुड़े 10 हजार उपभोक्ता परेशान हैं। इससे पिछले डेढ़ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
उपभोक्ताओं को धनराशि जमा करने एवं निकालने के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शाखाएं तो खोल दी गई है, लेकिन समुचित सहूलियत देने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
आलापुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा का सर्वर बीते सोमवार से फेल चल रहा है, लेकिन उसे गुरुवार दोपहर बाद तक नहीं ठीक कराया जा सका है। जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर से पहले अचानक सर्वर फेल हो गया।
कुछ देर तक तो उसे ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में बैंक के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई कि सर्वर फेल होने से लेन देन का कार्य नहीं हो सकेगा। इससे धनराशि जमा करने व निकालने सहित अन्य कार्य से आने वाले उपभोक्ता वापस लौट गए।
दूसरे दिन मंगलवार को सर्वर ठीक होने की उम्मीद से एक बार फिर से उपभोक्ता बैंक शाखा पहुंचे, लेकिन एक बार फिर से उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। कुछ ऐसा ही हालत बुधवार व गुरुवार को भी रहा। बैंक खुलने के समय बड़ी संख्या में उपभोक्ता उम्मीद लेकर पहुंचते, लेकिन मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
सर्वर में आई खराबी ठीक न होने से उपभोक्ताओं में बैंक प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी व्यापत हो गई। उन्होंने बैंक प्रशासन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के हित को लेकर बैंक प्रशासन द्वारा कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई।
गुरुवार को धन जमा करने पहुंचे नरियांव के रामकेश गौड़ व गोवर्धनपुर के जगन्नाथ तिवारी ने कहा कि सर्वर फेल होना आम बात हो गई है। पहले तो फिर भी कुछ घंटे खराबी के बाद ठीक हो जाता था, लेकिन इस बार तो हद हो गई। चार दिनों से वे बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सर्वर ठीक नहीं हो सका है।
धन निकालने के लिए बैंक आए रामनगर के रोशनलाल व हथिनाराज के संतोष त्रिपाठी ने कहा कि सोमवार से सर्वर फेल है, लेकिन ठीक कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।