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Ambedkar Nagar News: थाने में धरने पर बैठे नगर पंचायत अध्यक्ष, एसओ हटाए गए

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बसखारी ( अंबेडकरनगर)। अतिक्रमण हटाने को लेकर बसखारी पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत के अध्यक्ष ओमकार गुप्त बुधवार को बसखारी थाने में धरने पर बैठ गए। इसमें नगर पंचायत के कई कर्मचारी व समर्थक भी शामिल रहे। जानकारी मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी थाने पहुंचे। इसके बाद थाना प्रभारी को वहां से हटा दिया गया।
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बीते दिनों वेस्ट्रीज हिल्टन स्कूल के सामने बिना नक्शा पास कराए सीढ़ी निर्माण को नगर पंचायत प्रशासन ने जेसीबी से गिरवा दिया था। स्कूल प्रबंधन द्वारा कोर्ट में की गई शिकायत के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष, एसडीएम व ईओ समेत एक कर्मी को तलब कर लिया गया था। इससे नगर पंचायत प्रशासन की खासी किरकिरी हुई थी। अब इसी मामले को लेकर बुधवार दोपहर बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्त समर्थकों के साथ बसखारी थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने थाना प्रभारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
कहा कि पत्र भेजने के बाद भी पुलिस स्कूल के बाहर हो रहे अवैध निर्माण को नहीं रोक रही है। अध्यक्ष के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी व एएसपी विशाल पांडेय थाने पहुंच गए। वहां धरने पर बैठे अध्यक्ष को एसओ के कक्ष में ले जाकर वार्ता की गई। इसके थोड़ी ही देर बाद एसपी डॉ. कौस्तुभ ने एसओ जयप्रकाश को वहां से हटाकर अपना वाचक बना लिया। न्यायालय सुरक्षा में तैनात निरीक्षक राजेश कुमार सिंह को बसखारी की कमान सौंप दी गई। डायल 112 के प्रभारी कुमुदकांत तिवारी को न्यायालय सुरक्षा का प्रभारी बना दिया गया।
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ईओ और नपं अध्यक्ष के बीच हुई नोकझोंक
बसखारी नगर पंचायत अध्यक्ष जब धरने पर बैठे थे तो सूचना मिलते ही अधिशासी अधिकारी विनय द्विवेदी थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने अध्यक्ष को समझाने का प्रयास किया कि चुनाव का माहौल है, यह सब ठीक नहीं। उन्होंने इससे छवि खराब होने का हवाला देते हुए कह दिया कि जब मामले में विधिक प्रक्रिया दोनों तरफ से चल रही है तब यह सब नौटंकी करने की क्या जरूरत है। इस पर अध्यक्ष व ईओ के बीच सार्वजनिक तौर पर कहासुनी भी हो गई। ईओ ने कहा कि अगला पक्ष हम सबके खिलाफ कोर्ट गया है। मामले में कोर्ट की दखल भी हुई है। ऐसे में थानेस्तर की तरफ से कोई कार्रवाई संभव नहीं है। हम लोग भी विधिक कार्रवाई करेंगे। हालांकि अध्यक्ष ने इसे अनसुना कर दिया।
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