फोटो 20, अंबेडकरनगर के अकबरपुर नगर में मुख्य मार्ग के किनारे इस तरह फेंका जा रहा कूड़ा।
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अंबेडकरनगर। कूड़ा निस्तारण में अकबरपुर नगर पालिका के कर्मचारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। नेशनल हाईवे 232 के किनारे कूड़ा फेंकने के मामले में अधिशाषी अधिकारी के विरुद्घ केस दर्ज होने के बावजूद कर्मचारियों की मनमानी थम नहीं रही है। अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे के पास अयोध्या मार्ग पर कर्मचारियों द्वारा शहर का कूड़ा धड़ल्ले से फेंका जा रहा है। कर्मचारी जिस स्थान पर मनमाने तरीके से कूड़ा फेंक रहे हैं वहीं से चंद कदम दूर जिला औषधि भंडारण केंद्र व अकबरपुर पुलिस चौकी भी स्थित है। इसके बावजूद न तो अधिकारी इस तरफ ध्यान दे रहे हैं और न ही नगर पालिका कर्मचारी। इससे आस पास के नागरिकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को नगर पालिका कर्मचारी खुद ही पलीता लगा रहे हैं। शहरों की साफ सफाई तो की जा रही है, लेकिन कूड़ा निस्तारण को लेकर अकबरपुर नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आ रही है। कूड़ा निस्तारण को लेकर बरती जा रही मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर अकबरपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य के विरुद्घ केस तक दर्ज करा दिया गया है।
नगर पालिका के कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से एनएच 232 के किनारे कूड़े का ढेर लगा दिया था। कुछ इसी तरह की मनमानी नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा अकबरपुर नगर में भी की जा रही है। नगर के सबसे व्यस्ततम क्षेत्र पुराने तहसील तिराहे के निकट ही कर्मचारियों ने कूड़े का ढेर लगाना शुरू कर दिया है। इससे स्थानीय लोगों को न सिर्फ संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है बल्कि दुर्गंध से जूझना पड़ रहा है।
अकबरपुर नगर के शास्त्री निवासी रवीश शुक्ल ने नगर पालिका प्रशासन की इस मनमानी पर गहरी नाराजगी जतायी। कहा कि नगर की साफ सफाई व्यवस्था में हद दर्जे तक मनमानी बरती जा रही है। न सिर्फ कूड़ा उठाने में मनमानी होती है, बल्कि कर्मचारी जहां पाते हैं वहीं कूड़ा फेंक दे रहें हैं। पुराने तहसील तिराहे के पास जिस स्थान पर कूड़ा फेंका जा रहा वहां जिला औषधि भंडारण केन्द्र व अकबरपुर पुलिस चौकी भी स्थित है।
सामाजिक कार्यकर्ता संतराम वर्मा का कहना था कि नगर पालिका प्रशासन की मनमानी के चलते ही वन विभाग द्वारा सड़क के किनारे लगाए गए दर्जनों हरे पेड़ भी सूख गए। तमाम शिकायतों के बावजूद कूड़ा निस्तारण में मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। इससे स्वच्छ भारत मिशन को तगड़ा झटका लगा रहा है। जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए नगर को साफ सुथरा करने के साथ ही कूड़ा निस्तारण का समुचित प्रबंध करना होगा।