अंबेडकरनगर। दो माह बाद 43 राजकीय वाहन नहीं चल पाएंगे। 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके इन वाहनों को यदि 31 मार्च तक स्क्रैप न करा लिया गया तो परिवहन विभाग पहली अप्रैल से इनका पंजीयन रद्द कर देगा।
उधर सवा दो लाख से अधिक ऐसे निजी वाहनों को भी नवीनीकरण का नोटिस जारी किया गया है जो डेढ़ दशक की अवधि पूरी कर चुके हैं।
पर्यावरण की बेहतरी के लिए प्रदूषण फैला रहे वाहनों के लिए सख्ती बढ़ा दी गई है। जनसामान्य को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए 15 वर्ष पुराने वाहनों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
सबसे पहली गाज सरकारी वाहनों पर गिरेगी। इसके चलते कुल 43 सरकारी वाहन अगले दो माह में सड़कों से हटा दिए जाएंगे। इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुए 15 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है।
परिवहन विभाग ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर कहा है कि 31 मार्च तक वाहनों को स्क्रैप करा लें। यदि ऐसा न हुआ तो पहली अप्रैल को पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद उनका सड़क पर चलना अवैध माना जाएगा। संबंधित वाहनों के पकड़े जाने पर जिम्मेदारी तय कराते हुए कार्यवाही भी होगी।
उधर 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके निजी वाहनों के स्वामियों की भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दो लाख 31 हजार 701 गैर व्यावसायिक वाहन जैसे कार, जीप व बाइक और 7746 व्यावसायिक वाहन जैसे बस, ट्रक आदि के स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है।
प्रवर्तन कार्यवाही में थानों में बंद 418 वाहनों के मालिकों को भी नोटिस जारी हुआ है। इसमें कहा गया है कि अविलंब वाहनों को लेकर एआरटीओ कार्यालय आएं। वहां यदि वाहनों की दशा ठीक पाई गई तो पंजीयन का नवीनीकरण कर दिया जायेगा वरना संबंधित वाहनों को भी स्क्रैप कराना होगा।
एक तरफ वाहनों को स्क्रैप कराने की मुहिम तेज हो रही है तो दूसरी तरफ जिले में कोई भी व्यक्ति यान स्क्रैपिंग केंद्र खोलने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। परिवहन विभाग ने दो बार सार्वजनिक विज्ञप्ति का प्रकाशन कर स्क्रेपिंग केंद्र खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित किया लेकिन अब तक एक भी आवेदन नहीं प्राप्त हो सका ।
एआरटीओ ने एक दिन पहले जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को पत्र लिखकर बताया है कि स्क्रैपिंग केंद्र खोलने के लिए किसी ने रुचि नहीं दिखाई है।
प्रदूषण रोकने के लिए पुराने वाहनों को लेकर नोटिस जारी किया जा चुका है। 15 वर्ष पुराने सरकारी वाहनों को 31 मार्च तक स्क्रैप हो जाना है। निजी वाहनों को भी आगे इसी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
-विपिन कुमार, आरआई, परिवहन विभाग