अंबेडकरनगर। राजकीय पॉलिटेक्निक शिवबाबा में बन रहे प्रयोगशाला भवन के निर्माण की गुणवत्ता घटिया मिली है। आवास विकास निगम के सहायक अभियंता ने निजी कार्यदायी संस्था पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए गुणवत्ता में सुधार का निर्देश दिया है। इसके साथ ही टीएसी जांच कराने की संस्तुति भी कर दी है।
राजकीय पॉलिटेक्निक शिवबाबा में के छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन दिनों 9.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बीते दिनों लोगों ने अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई कि भवन निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं है।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए आवास विकास निगम के सहायक अभियंता मनोज कुमार गुरुवार को विद्यालय पहुंचे। वहां पर प्रधानाचार्य बीके पाठक के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।
मौके पर पाया गया कि निर्माण में काफी संख्या में पीली ईंटों का प्रयोग किया गया है। उसे छुपाने के लिए तेजी से प्लास्टर कराया जा रहा है। एई ने मौके पर मिले निजी कार्यदायी संस्था प्रेम इंटरप्राइजेज गोरखपुर के प्रतिनिधि विजेंद्र चौहान को निर्देशित किया अविलंब गड़बड़ी ठीक कराई जाए।
निर्देशित किया कि दीवारों को तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाए। इसके बाद कई जगह लगीं खराब ईंटें निकलवा दी गईं।
कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाते हुए मौके पर रखी गई ईंट व मोरंग की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूना भी एकत्र किया। कहा कि यदि गुणवत्ता में सुधार न किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एई ने बताया कि निर्माण की टीएसी जांच के लिए डीएम को पत्र भेज दिया गया है। जल्द ही यह जांच शुरू हो जाएगी।