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IPS अफसर की मां का कत्ल: SP बोलीं- सोशल मीडिया पर गलत खबरें, जेवरात नहीं मिले; सगे-संबंधियों से पूछताछ जारी

Wed, 19 Aug 2026 05:19 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर

सार

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस अधिकारी की मां की हत्या और जेवरात लूट मामले में पुलिस को अभी ठोस सुराग नहीं मिला है। चार टीमें रिश्तेदारों, नौकरों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने जेवरात बरामदगी की सोशल मीडिया खबरों को गलत बताया है।
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IPS की मां का कत्ल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय लखनऊ में तैनात आईपीएस अफसर आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती की हत्या व लूट में अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस की टीमें गांव के लोगों के साथ सगे-संबंधियों से पूछताछ कर रही हैं। इस बीच डीआईजी सोमेन वर्मा एक बार फिर मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आशुतोष मिश्रा से मुलाकात की। उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, एसपी प्राची सिंह ने बुधवार को एक बयान देकर गायब जेवरात बरामदगी से साफ इनकार कर दिया है।

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दरअसल 16 अगस्त को मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा गांव में आईपीएस आशुतोष मिश्रा की माँ इंद्रा मिश्रा का शव उनके घर मे पाया गया था. उनके मुंह में तौलिया (कपड़ा) ठूंसा हुआ था, होंठों पर चोट व खून के निशान थे और शरीर पर मौजूद सभी आभूषण (सोने की चेन, तुलसी माला में सोने की गुड़िया, कुंडल, पायल, नथुनी आदि) गायब थे। इस हत्या के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।

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IPS officer mother murder - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

नौकरों से गहन पूछताछ जारी

मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव में बीते 16 अगस्त की सुबह आईपीएस अफसर आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती देवी का शव मिला था। परिजनों की सूचना पर पहुंचे आशुतोष मिश्रा ने हत्या और जेवर लूटने का आरोप लगाते हुए अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। खुलासे के लिए गठित चार टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। मृतका के रिश्तेदारों से लेकर उनके घर पर आने वाले नौकर-चाकरों से गहन पूछताछ हो रही है। 

एक दर्जन से अधिक लोग पुलिस के रडार पर हैं। तमाम जद्दोजहद के बावजूद अब तक पुलिस के हाथ ऐसा कुछ नहीं लगा है जो उसे गायब जेवरों तक पहुंचने में मदद कर सके। इस हाई प्रोफाइल मामले में खुलासे, जेवर बरामदगी के झूठे दावों पर मंगलवार शाम को आशुतोष मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जताई और पुलिस से किसी भी निर्दोष को झूठा न फंसाए जाने की अपील भी की थी। इसकी गूंज एक बार फिर राजधानी तक सुनाई दी। 



सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों के बीच चर्चा होना शुरू हो गई। बुधवार दोपहर डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा एसपी प्राची सिंह के साथ गांव पहुंचे। यहां करीब 30 मिनट तक आशुतोष मिश्रा से विभिन्न बिंदुओं पर वार्ता की। घटना के बारे में फिर से जानकारी ली। घर का मौका मुआयना भी किया। डीआईजी ने बताया कि पूरे मामले में सभी बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द ही घटना का राजफाश कर लिया जाएगा।
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मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ गांव में आईपीएस आशुतोष मिश्रा के घर के बाहर मौजूद जनप्रतिनिधि व परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बरामदगी के दावों को एसपी ने बताया बेबुनियाद

एसपी प्राची सिंह बुधवार को मीडिया से रूबरू हुईं और उन्होंने प्रसारित जेवरात बरामदगी के दावों को बेबुनियाद बताया है। एसपी ने कहा कि तहरीर के आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर जेवरात बरामदगी की खबरें प्रसारित हो रही हैं। 

घटना के बाद कुछ वस्तुएं घर पर मिली थीं जिन्हें परिजनों को सौंप दिया गया था। परिवार के लोगों के साथ हमारी शोक संवेदनाएं हैं। उनकी रजामंदी से पूछताछ की जा रही है और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। किसी निर्दोष को जेल भेजने का कोई औचित्य नहीं है। उसी के विरुद्ध कार्रवाई होगी जिसके पास जेवरात बरामद होंगे। बहुत जल्द घटना का सही खुलासा करेंगे।
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