अंबेडकरनगर। आदर्श कारागार, लखनऊ में निरुद्ध आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी संदीप कुमार उर्फ पिंटू की फार्म-ए/लाइसेंस के आधार पर समयपूर्व रिहाई का प्रस्ताव राज्यपाल ने अस्वीकार कर दिया है। यह निर्णय जिला स्तरीय अधिकारियों की रिपोर्ट और प्रोबेशन बोर्ड की संस्तुति के आधार पर लिया गया।
टांडा के हयातगंज निवासी संदीप कुमार ने वर्ष 2002 में प्रेम प्रसंग के कारण अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर आदित्य कुमार की चाकू से हत्या कर दी थी। मामले में अपर सत्र न्यायालय अंबेडकरनगर ने 16 जनवरी, 2010 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 26 नवंबर, 2021 को बंदी की अपील को निर्णीत करते हुए सजा को यथावत रखा। बंदी अब तक 14 वर्ष 10 माह आठ दिन की अपरिहार और 19 वर्ष चार माह 24 दिन की सपरिहार सजा भुगत चुका है।
प्रस्ताव पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक व जिला मजिस्ट्रेट ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशित पांच बिंदुओं पर परीक्षण कर रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में अपराध की गंभीरता, दोबारा अपराध करने की आशंका और समाज के प्रति खतरे को देखते हुए समयपूर्व रिहाई की संस्तुति नहीं की गई। प्रोबेशन बोर्ड ने भी प्रकरण को जघन्य मानते हुए रिहाई के अनुरूप परिस्थितियां नहीं पाई जाने की स्पष्ट संस्तुति शासन को दी थी। इसके बाद संयुक्त सचिव प्रदेश सरकार शिव गोपाल सिंह ने याचिका खारिज करने का आदेश जारी कर दिया है।