अंबेडकरनगर। सपा सांसद लालजी वर्मा ने सोमवार को संसद में अंबेडकरनगर जिले में एम्स की स्थापना की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और सुल्तानपुर जैसे पड़ोसी जिलों को मिलाकर लगभग डेढ़ से दो करोड़ की आबादी इस क्षेत्र में निवास करती है। इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए कोई भी विश्वस्तरीय अस्पताल उपलब्ध नहीं है।
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार मरीजों की जान पर भी बन आती है। सांसद ने तर्क दिया कि अंबेडकरनगर पूर्वांचल के केंद्र में स्थित है। यहां एम्स की स्थापना होने से यह पूरे क्षेत्र के लिए एक रीजनल हेल्थ हब (क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र) के रूप में कार्य कर सकता है।
सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि जनहित और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अंबेडकरनगर में एम्स की स्थापना की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं।
ट्रॉमा सेंटर को मंजूरी का इंतजार
जिले में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के साथ-साथ 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। टांडा के सद्दरपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज भी अपनी सेवाएं दे रहा है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को स्थानीय स्तर पर तुरंत इलाज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेवाना और राजेसुल्तानपुर में ट्रॉमा सेंटर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। हालांकि, शासन की ओर से अभी इसे मंजूरी मिलना शेष है।