राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के कम्हरिया घाट से होकर आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। शासन के निर्देश पर पीपा पुल से आवागमन बंद होने के बाद कम्हरिया घाट से पहली बार मोटरबोट की निशुल्क सुविधा शुरू की गई है। लगभग 100 यात्रियों की क्षमता वाला यह मोटरबोट प्रतिदिन सुबह से शाम तक चलेगा। इससे अंबेडकरनगर के अलावा गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर सहित करीब आधा दर्जन जिले के नागरिकों को सुचारु आवागमन का लाभ मिल सकेगा। मोटरबोट से यात्रियों के अलावा साइकिल व बाइक भी लेे जाया जा सकेगा। इससे उम्मीद है कि प्रतिदिन गरीब 2 हजार यात्रियों को आवागमन का लाभ मिलेगा।
अंबेडकरनगर व गोरखपुर जनपद को जोड़ने के लिए सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर पीपा पुल बनाया गया है, परंतु नदी का जलस्तर बढ़ने पर पीपा पुल से आवागमन रोक दिया जाता है। सुरक्षा के लिहाज से प्रतिवर्ष 15 जून से 15 नवंबर तक आवागमन पीपा पुल से बंद कर दिया जाता है। इस बार भी आवागमन मौजूदा समय में ठप चल रहा है। पीपा पुल से आवागमन बाधित होने पर करीब आधा दर्जन जनपदों के नागरिकों को आवागमन में मुश्किल होने लगती है। आम नागरिकों की इसी मुश्किल को देखते हुए शासन ने मामले को संज्ञान लिया।
पहली बार सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर निशुल्क मोटरबोट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस मोटरबोट की क्षमता लगभग 100 यात्रियों को ले जाने की होगी। इस मोटरबोट से बाइक व साइकिल भी ले जाया जा सकेगा। खास बात यह कि मोटरबोट से आवागमन के लिए यात्रियों को किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं देना होगा। मोटरबोट के चलने से अंबेडकरनगर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, जौनपुर, वाराणसी आदि जनपदों के नागरिकों को आवागमन में लाभ मिलेगा। पीपा पुल से आवागमन बंद होने से मौजूदा समय में नागरिकों को करीब 25 से 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर आवागमन करने के लिए विवश होना पड़ रहा था।
नागरिकों ने जताई खुशी
सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर पीपा पुल से आवागमन बाधित रहने तक मोटरबोट की सुविधा सरकार द्वारा शुरु किए जाने पर नागरिकों ने खुशी का इजहार किया है। कहा कि पहले तो पीपा पुल बंद होने पर किसी तरह साधारण नाव से आवागमन होती थी। अक्सर नाव का संचालन न होने पर नागरिकों को आवागमन में खासी दिक्कत होती थी। इस बार भी 15 जून से पीपा पुल से आवागमन बंद है। इससे नागरिकों को आवागमन में मुश्किल हो रही थी। नागरिकों की इस मुश्किल को दूर करने के लिए शासन ने मोटरबोट की सुविधा प्रदान करने का अच्छा काम किया है। कम्हरिया के लक्ष्मण निषाद, सुक्खू कनौजिया, इटौरा ढोलीपुर के भावेश सिंह, सिकरीगंज के विजय कुमार, बेलघाट के नरसिंह, रापतपुर के चंद्रभान व सभापति ने आदि ने सरकार के फैसले की सराहना की है। कहा कि मोटरबोट शुरू होने से सामान्य नौका चालकों की मनमानी भी कम होगी। साथ ही सुचारु व सुरक्षित आवागमन का लाभ भी मिलेगा।
तैनात हुई कर्मचारियों की टीम
कम्हरिया घाट पर मोटरबोट के पहुंचने के साथ ही उसके संचालन के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। मोटरबोट में एक शेड बना है। उसके नीचे सिर्फ दो बेंच लगी है। जिससे दिव्यांग, बुजुर्ग व बीमार आदि को बैठने की सुविधा मिलेगी। अन्य यात्रियों को खड़े होकर आवागमन करना पड़ेगा। नाव का संचालन सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगा। इसके सुचारु संचालन के लिए एक व्यवस्थापक सहित 7 कर्मचारियों की तैनाती हुई है। इसमें मान निषाद व मखंचू नाव चालक होंगे। व्यवस्थापक की भूमिका राघवेन्द्र तिवारी निभाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से चक्रवात, आंधी, तूफान व अधिक तेज बहाव के समय नाव का संचालन बंद रहेगा।
सुबह से शाम तक होगा संचालन
नागरिकों की सुविधा को देखते हुए शासन के निर्देश पर सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर मोटरबोट की सुविधा शुरू की गई है। नागरिकों को इसकी निशुल्क सुविधा दी जाएगी। नाव का संचालन सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगा। पीपा पुल से 15 नवंबर के बाद आवागमन शुरु होने पर मोटरबोट की सुविधा बंद कर दी जाएगी।
-गौरव श्रीवास्तव, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी गोरखपुर