अंबेडकरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ. जया पाठक ने शुक्रवार को दहेज हत्या में दोषी सास-ससुर व देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन सभी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसकी अदायगी न करने पर दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
सुल्तानपुर जिले के करौदीकलां थाने के देवराजपुर के रामजस गुप्त पुत्र मंगरू गुप्ता ने अपनी बेटी मीनू का विवाह 2007 में महरूआ थाने के नसीरपुर गांव के रामकुमार गुप्ता पुत्र कल्लू के साथ किया था। रामकुमार नौकरी के सिलसिले में बाहर रहता था। 14 मार्च 2017 की रात 12 बजे बेटी के ससुर कल्लू ने फोन पर उन्हें सूचना दी कि बेटी मीनू को काॅलरा हो गया है, सुबह घर चले आना। बाद में रिश्तेदारों ने मीनू की मौत होने की जानकारी दी। सभी मीनू के ससुराल पहुंचे तो पता चला कि उसको जलाकर मार दिया गया था। घटना के समय उनका दामाद बाहर था। मृतका के पिता ने 15 मार्च 2015 को महरूआ थाने में ससुर कल्लू, देवर राजू और सास जड़ावती पर हत्या केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद इन सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया। शुक्रवार को कोर्ट ने इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।