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ग्राम पंचायतों के खाते में पड़े पौने दो करोड़, खर्च की सुध नहीं

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अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायत को साफ सुथरा रखने समेत स्वच्छता अभियान को तेज करने को लेकर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार गंभीर नहीं हो रहे हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति के तहत जिले की 927 ग्राम पंचायतों की निधि में अभी भी 1 करोड़ 75 लाख रुपये मौजूद हैं। इन्हें खर्च नहीं किया जा सका है। इसके चलते संबंधित गावों में साफ सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने सभी ग्राम प्रधान को निर्देशित किया है कि योजना के तहत आई राशि का उपयोग साफ सफाई समेत अन्य कार्यों में तेजी से किया जाए।
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गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में साफ सफाई, नाली की मरम्मत, चूने का छिड़काव, मरीजों को निकटवर्ती सरकारी अस्पताल तक पहुंचाने एवं स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रत्येक वर्ष 10-10 हजार रुपये उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत संबंधित राशि का सुचारु रूप से प्रयोग हो सके, इसे लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हो रहे हैं। योजना के समुचित संचालन को लेकर जिम्मेदार कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के करीब है, लेकिन अब तक जिले की 927 ग्राम पंचायतों के खाते में योजना के तहत 1 करोड़ 75 लाख मौजूद हैं, जिन्हें खर्च नहीं किया जा सका है। इसी का नतीजा है कि गावों में साफ सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है।
इस बीच कोरोना व संचारी रोगों पर अंकुश लगाए जाने के लिए शासन ने जिम्मेदार अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के दिशा निर्देश दिए हैं। इसके तहत साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने पर भी जोर दिया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए अब डीपीआरओ रामअशीष चौधरी ने सभी ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए योजना के तहत जो राशि है, उसका पूरी तरह सदुपयोग किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत मिली, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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