पुलिस प्रशासन ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी है। इस बीच मोहर्रम व दुर्गा पूजा पर्व निपटाने के लिए गैर जनपदों से विशेष व्यवस्था के तहत 100 से अधिक होमगार्ड मुहैया कराए गए हैं।
मालूम हो कि चार चरण में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए जिले को आगरा जोन से कुल 405 होमगार्ड मुहैया कराए गए थे। लिखा पढ़ी के साथ ही इन सभी होमगार्डों को दो नवंबर तक जिले में ड्यूटी देना था। असल में चार चरणों के मतदान के बाद एक नवंबर को जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए मतों की गणना कराई जानी है।
होमगार्डोँ की ड्यूटी मतों की इन्हीं गणना के बाद दो नवंबर तक जिले में सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए निर्धारित थी। होमगार्डों ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण के मतदान प्रक्रिया तक तो ड्यूटी में भाग लिया, लेकिन इसके बाद वे प्रशासन को सूचना दिए बगैर जिले से नदारद हो गए।
दरअसल चौथे व अन्तिम चरण का मतदान अब दशहरा व मोहर्रम पर्व के बाद 29 अक्तूबर को है। ऐसे में बीच की लम्बी अवधि को देखते हुए होमगार्ड के जवान जिले से अपने अपने क्षेत्रों व घरों के लिए रवाना हो गए।
पुलिस प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए दशहरा, दुर्गा पूजा व मोहर्रम पर्व में इन होमगार्डों की सेवा लेने की तैयारी कर रखी थी। इसकी पूरी योजना भी पहले से बना ली गई थी, लेकिन इसी बीच पुलिस अधिकारियों को पता चला कि आगरा जोन से आए अधिकांश होमगार्ड तो चले गए हैं।
लगभग 300 होमगार्ड यहां से ड्यूटी छोड़कर चले गए। इससे अचानक पुलिस प्रशासन को सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए एक झटका सा लगा। तत्काल जिले के पुलिस प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। एक दिन पूर्व त्योहारों को लेकर हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में भी यह मामला उठा।
इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जिले को अन्य क्षेत्रों से होमगार्ड उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में होमगार्ड बिना बताए यहां से चले गए, जबकि उनकी ड्यूटी 2 नवंबर तक निर्धारित थी। बताया कि उनके लिए रुकने को विद्यालय में विशेष व्यवस्था की गई थी।