मनरेगा मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश मनरेगा मजदूर कल्याण समिति ने कलेक्ट्रेट के निकट धरना दिया। इसमें मनरेगा के तहत प्रतिदिन की मजदूरी बढ़ाकर ढाई सौ रुपये किए जाने की मांग की गई तथा पर्याप्त काम उपलब्ध कराए जाने पर भी जोर दिया गया।
इससे मनरेगा मजदूरों के समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। धरने की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष सुरेशचंद्र वर्मा ने कहा कि दैनिक मजदूरी बढ़ाकर ढाई सौ रुपये किए जाने की जरूरत है।
गांव में ही 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही केंद्र सरकार की योजनाओं में से एक मनरेगा योजना का समुचित लाभ मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है। तमाम दिशा-निर्देशों के बाद भी मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का रोजगार नहीं मिल रहा है।
इसके अलावा जो कार्य मजदूरों से लिया जा रहा है, उसका भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष विमलेश पटेल ने कहा कि रोजगार व भुगतान के लिए मनरेगा मजदूर संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
समुचित कार्य न मिलने एवं समय पर भुगतान न होने से मनरेगा मजदूरों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। उन्हें रोजगार के लिए गांव से पलायन करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि लगातार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा मजदूरों का हक मारा जा रहा है।
इसकी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मनरेगा मजदूरों की उपेक्षा अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इस दौरान पवन कुमार, प्रभाकर, राजकुमार, रामानंद, ललिता, शिवलाल, पूनम, सनेही आदि मौजूद रहे।