अंबेडकरनगर। जिले में तेज धूप और भीषण लू के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार सुबह दस बजे से ही सड़कें भट्ठी की तरह तपने लगीं और टंकियों का पानी खौलने लगा।
अप्रैल के महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
दोपहर के समय टांडा और बसखारी जैसे मुख्य मार्गों पर आवाजाही काफी कम रही।
शहजादपुर बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहा। लोग भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। स्कूल की छुट्टी के समय बच्चे सिर पर छाता लिए और पसीने से तर-बतर नजर आए। मौसम की मार का सीधा असर स्वास्थ्य पर दिख रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
शुक्रवार को ओपीडी में 973 मरीजों का उपचार किया गया। अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज पेट दर्द, उल्टी-दस्त (डायरिया) और तेज बुखार से पीड़ित हैं। दोपहर दो बजे तक आए 31 मरीजों में से आठ मरीज डायरिया के शिकार थे। स्थिति यह है कि इमरजेंसी के बेड भर जाने पर पुराने मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर नए मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
गर्मी और डायरिया की चपेट में आने से करोली बसखारी निवासी प्रेमसिला, कटइया निवासी दीपक यादव और नारायनपुर निवासी शेषनाथ को भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा, रसिया कला की सीता देवी, अकबरपुर की गुडिया और मजीठा के रामस्वारथ को तेज बुखार के कारण अस्पताल में दाखिल किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।