अंबेडकरनगर। अभिभावक संघ की बैठक रविवार को जिला मुख्यालय पर बैठक हुई। इसमें कोरोना संकट के बीच की जा रही ऑनलाइन पढ़ाई पर सवालिया निशान लगाया गया। कहा गया कि तमाम बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास एंड्राएड फोन नहीं है। ऐसे में वे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं। जिन विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही है, उनके द्वारा अभिभावकों पर पुस्तक खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। यह सब कार्य कमीशन के चलते किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाए जाने की जरूरत है। बाद में शिकायतीपत्र मुख्यमंत्री को भेजा गया।
जिलामंत्री मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों का मानसिक उत्पीड़न के साथ ही आर्थिक शोषण किया जा रहा है। कहा कि तमाम बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास एंड्राएड फोन नहीं हैं। ऐसे में उनके द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई नहीं की जा रही है। इसके बावजूद प्रतिदिन संबंधित विद्यालय प्रशासन द्वारा फोन कर या फिर मैसेज कर अभिभावकों पर पुस्तक खरीदे जाने का दबाव बनाया जा रहा है। कहा कि पुस्तक की खरीददारी करने का दबाव, सिर्फ कमीशन हासिल करने के लिए किया जा रहा है। इससे संबंधित अभिभावकों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि कोरोना संकट के चलते अभिभावकों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में तीन माह की फीस माफ की जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई की जाए, जो अभिभावकों पर पुस्तक खरीदने का दबाव बना रहे हैं। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन छेडने को मजबूर होंगे। बाद में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा गया। इस दौरान शीतला प्रसाद, भीमसेन, आनंद कुमार, मोहम्मद शमीम आदि मौजूद रहे।