अंबेडकरनगर। जलालपुर क्षेत्र के भियांव सीएचसी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कारण है कि अस्पताल में चिकित्सकों को कमी है। वहीं, अस्पताल में आने वाले मरीजों को चार माह से एक्सरे की भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे उन्हें बाहर निजी सेंटरों में एक्सरे कराना पड़ता है। इससे जहां उनका पैसा अधिक खर्च होता है, वहीं समय भी खराब होता है।
भियांव सीएचसी में छह चिकित्सकों के पद हैं जिनमें से तीन रिक्त चल रहे हैं। इसमें एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एक बाल रोग विशेषज्ञ और एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं हैं। चिकित्सकों की कमी की वजह से मरीजों को इलाज के लिए निजी चिकित्सालय या 25 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीजों को मुश्किल दौर से गुजरना पड़ता है।
आसपास के लगभग 12 अधिक गांवों के लोगों के इलाज के लिए बने इस अस्पताल में मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं, इस समय शुगर की जांच भी एक सप्ताह से नहीं हो रही है, क्योंकि किट खत्म है। सरकारी अस्पताल में मरीजों को सभी प्रकार की दवा व जांच की सुविधा मिले यह बात इस अस्पताल में बेमानी लगती है।
केस एक
नहीं हुई शुगर की जांच
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क्षेत्र के पलया गांव के रहने वाले रामअधार ने बताया कि वह अपनी पत्नी का टीबी का इलाज कराने अस्पताल आया था दवा मिल गई है, डॉक्टर के सलाह पर इलाज चल रहा है। वहीं, उसे शुगर की जांच करानी थी, लेकिन बताया गया कि जांच किट खत्म हो गई है।
केस दो
नहीं हुआ एक्सरे
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शाहपुर गांव की रहने वाली अमेरिका देवी को सीने में कई दिनों से दर्द था। डाॅक्टर ने एक्सरे कराने के लिए कहा तो वह अस्पताल के एक्सरे कक्ष में गई, लेकिन उन्हें बताया गया कि मशीन चार माह से खराब है। जिसके बाद उन्हें बाहर एक्सरे कराना पड़ा।
उच्चाधिकारियों को कराया गया हे अवगत
अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। साथ ही चार माह से खराब एक्सरे मशीन की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है। जल्द ही सारी चीजें दुरुस्त हो जांएगी
उमेश चौहान, अधीक्षक