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कनवर्जन कास्ट का इंतजार, बेपटरी हो रही विद्यालयों में एमडीएम

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अंबेडकरनगर। करीब ढाई माह से जिले को कन्वर्जन कास्ट न मिलने से एमडीएम व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। धनाभाव के चलते एक-एक कर विद्यालयों में एमडीएम के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। कन्वर्जन कास्ट न होने के चलते मौजूदा समय में जिले के करीब 40 विद्यालयों में योजना पूरी तरह ठप है।
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यह संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। फिलहाल चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को बिना भोजन के मायूस होना पड़ रहा है। संबंधित विद्यालयों से जुड़े अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एमडीएम योजना सुचारु रूप से संचालित हो सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए।
जिले में एमडीएम योजना धनाभाव के चलते पटरी से उतरती जा रही है। दरअसल बीते सितंबर माह से अब तक योजना के सुचारु संचालन के लिए कन्वर्जन कास्ट शासन से जिले को नहीं उपलब्ध हो सका है। योजना के तहत छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन मिलता रहे, इसके लिए ग्राम प्रधान स्वयं व्यवस्था कर किसी प्रकार योजना को संचालित कर रहे हैं।
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लगभग ढाई माह से अधिक समय बीतने के बावजूद जिले में कन्वर्जन कास्ट न पहुंचने से अब ग्राम प्रधान भी योजना के सुचारु संचालन को लेकर हाथ खड़ा करने लगे हैं। इसी का नतीजा है कि मौजूदा समय में लगभग 40 विद्यालयों में एमडीएम योजना पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। इससे 4 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन मायूस होकर लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले के कुल 2049 विद्यालयों, जिसमें 1873 परिषदीय विद्यालय, 11 मदरसे व 165 सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं, में एमडीएम योजना संचालित हो रही है। इसमें पढ़ रहे 2 लाख 13 हजार छात्र-छात्राओं को एमडीएम योजना का लाभ मिल रहा है। अब जबकि कन्वर्जन कास्ट जिले में नहीं पहुंची है, तो ऐसे में एक के बाद एक विद्यालयों में योजना के तहत चूल्हे ठंडे पडने लगे हैं।
एक ग्राम प्रधान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब तक उन्होंने किसी प्रकार व्यवस्था कर योजना का संचालन कर रहे थे, लेकिन धनाभाव के चलते अब योजना को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम प्रधान अरुण कुमार, अरविंद कुमार, राहुल व कृष्णावती ने कहा कि उन्होंने अब तक किसी प्रकार स्वयं व्यवस्था कर योजना का संचालन कर रहे थे। अब इसे आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं रह गई है।
अभिभावक रवि शर्मा व धर्मेंद्र वर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एमडीएम योजना का समुचित लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। योजना के ठप होने से छात्र-छात्राओं को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
अभिभावक राजेंद्र कुमार व सेवाराम ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है, लेकिन इनका समुचित लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके, इसके लिए जिम्मेदार लोगों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए शासन प्रशासन को ठोस कदम उठाना होगा।
एमडीएम प्रभारी सत्य प्रकाश मौर्य ने बताया कि लगभग ढाई माह से जिले में कन्वर्जन कास्ट नहीं पहुंची है। इसके चलते कुछ विद्यालयों में एमडीएम योजना प्रभावित हो रही है। योजना सुचारु रूप से संचालित हो सके, इसके लिए कन्वर्जन कास्ट के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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