जिले के 75 इंटर कॉलेजों पर मान्यता निरस्तीकरण की तलवार लटक गई है। कारण इन विद्यालय ने अभी न तो यू-डायस कोड आवंटित कराया है और न ही यू-डायस फॉर्म ही जमा कराया है। दरअसल विद्यालयों में स्टूडेंट्स के पंजीकरण व शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगाने को शासन के यू-डायस फॉर्म जमा कराने के निर्देश का समुचित पालन जिले में नहीं हो रहा है।
तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद कॉलेज प्रबंधन लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे विद्यालयों को डीआईओएस कार्यालय ने अंतिम मौका देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह में फॉर्म नहीं जमा कराया गया तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के प्रवेश में बरती जाने वाली मनमानी व शिक्षकों की तैनाती में शासन के निर्देश का पालन करने में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही पर अंकुश लगाने को शासन ने यू-डायस कोड आवंटित कराने व यू-डायस फॉर्म संबंधित कार्यालय में जमा कराने का निर्देश दिया था। इसके लिए अंतिम तिथि 10 जनवरी निर्धारित थी।
बीते दिनों डीआईओएस विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई प्रधानाचार्यों की बैठक में अविलंब यू-डायस फॉर्म जमा कराने का निर्देश दिया गया था। यह भी कहा गया था कि यदि शीघ्र ही फॉर्म नहीं जमा कराया गया तो आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा में संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती कक्ष निरीक्षक के तौर पर नहीं लगाई जाएगी।
शासन के तमाम निर्देशों के बावजूद अब तक जिले में अजय प्रताप इंटर कॉलेज भीटी, रामनरेश यादव इंटर कॉलेज भीटी, कन्या इंटर कॉलेज भीटी, रामदास स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीटी, अवध बिहारी इंटर कॉलेज भीटी, जनता इंटर कॉलेज बनगांव समेत 75 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने न तो यू-डायस कोड ही आवंटित कराया और न ही यू-डायस फॉर्म ही जमा कराया।
डीआईओएस विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिन विद्यालयों ने अब तक यू-डायस कोड का आवंटन नहीं कराया है या फिर फॉर्म नहीं जमा कराया है, उन्हें एक सप्ताह का अंतिम मौका दिया जा रहा है। यदि निर्धारित समयावधि में कोड का आवंटन कराकर फॉर्म नहीं जमा कराया गया तो संबंधित विद्यालय के विरुद्ध मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।