गोंडा में एल्गिन-चरसड़ी बांध, जिसमें हो रही कटान।
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सरयू नदी के जलस्तर में कमी के साथ माझा क्षेत्र में कटान की आशंका बढ़ गई है। इससे ग्रामीण चिंचित हैं। जलस्तर में तीन दिन से गिरावट दर्ज होने के बावजूद सोमवार को नदी का पानी खतरे के निशान से 45 सेंमी ऊपर बह रहा था। कई गांवों से बाढ़ का पानी हटने से वहां संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। दवाओं का पर्याप्त छिड़काव नहीं होने से लोग परेशान है।
सरयू नदी के जलस्तर में तीन दिन से गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 52 सेंमी ऊपर था, जो सोमवार को घटकर 42 सेंमी रह गया। जलस्तर में कमीं होने से एक तरफ जहां माझा क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है वहीं कटान की आशंका बढ़ने से उनमें दहशत का माहौल है।
माझा कला, माझा उलटहवा, माझा डुहिया, माझा रसूलपुर मुबारकपुर, माझा अवसानपुर, माझा आसोपुर समेत एक दर्जन ऐसे माझा गांव हैं, जहां कटान का खतरा है। जलस्तर में कमी के बावजूद पानी का बहाव तेज होने से कटान कभी भी हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने को लेकर बाढ़ प्रखण्ड द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
ऐसे में कटान हुई तो व्यापक नुकसान हो सकता है। इस बीच जिन क्षेत्रों से बाढ़ का पानी हटा वहां गंदगी फैली हुई है। सफाई व जरूरी दवाओं का छिड़काव नहीं होने से संबंधित क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका है।
ग्रामीणों ने दवाओं का छिड़काव कराए जाने की मांग की है। उधर एसडीएम नरेंद्र सिंह ने कहा कि जलस्तर में कमी हो रही है। कटान पर प्रशासन की पैनी निगाह है। अभी कहीं भी कटान नहीं है।