दो दिन बढ़ने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। 24 घंटे के दौरान 27 सेंमी की गिरावट दर्ज हुई है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। नदी खतरे के निशान से 55 सेमी ऊपर बह रही है। सरयू के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव जारी है।
खतरे के निशान से 99 सेंमी तक ऊपर पहुंच चुका सरयू का पानी नजदीकी क्षेत्र के लोगों के लिए पूरे अगस्त माह में मुसीबत का सबब बना रहा। चार दिन पूर्व पानी घटकर खतरे के निशान से 52 सेंमी ऊपर रह गया। तीन पहले फिर से उफान का दौर शुरू हुआ जिससे शनिवार शाम तक पानी खतरे के निशान से 82 सेंमी ऊपर पहुंच गया।
इससे माझा उलटहवा व माझा कला के आधा दर्जन गांवों में पानी घुस गया था। माझा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ने लगी। आशंकाओं के विपरीत 24 घंटे के भीतर नदी के जलस्तर में कमीं दर्ज हुई है। पानी करीब 27 सेंमी कम हुआ लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से 55 सेंमी ऊपर बह रही है। इस बीच माझा के गावों में कटान की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का मानना है कि यही स्थिति रही तो कटान की विभीषिका का सामना करना पड़ सकता है। उधर प्रशासन ने शनिवार व रविवार को कई क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव कराने के साथ ग्रामीणों में दवाओं का वितरण भी कराया। एसडीएम टांडा नरेंद्र सिंह के मुताबिक प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों को जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी।