अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर में 31 साल पहले हुई छप्पर जलाने की घटना के आरोपी गामा को न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन त्वरित कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।
राजेसुल्तानपुर के देवराम तड़वा निवासी राजेश यादव ने 20 फरवरी 1994 को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह अपने चाचा रामसमुझ व बाबा सरजू के साथ मड़हे पर मौजूद थे। उसी दौरान गांव के गामा और गोमती वहां पहुंचे और हौदी रखने से मना करते हुए गाली-गलौज करने लगे। चाचा रामधनी के मना करने पर गामा घर से मिट्टी का तेल लेकर आए और अपने छप्पर व राजेश के के मड़हे को आग लगा दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इस प्रकरण की सुनवाई न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन त्वरित कोर्ट में हुई। मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी गोमती यादव की मौत हो गई थी। न्यायाधीश डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव ने दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों व गवाहों का परीक्षण करने के बाद आरोपी गामा को दोषमुक्त कर दिया।