विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। छात्र-छात्राओं में नैतिक कर्तव्यों का बोध कराना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। शिक्षक ही वह माध्यम है, जो बच्चों के जीवन को सुखद व समृद्धशाली बना सकता है। यह विचार मिश्रीलाल आर्य कन्या इंटर कॉलेज एवं डीएवी एकेडमी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित आर्य वीरांगना आर्य वीर दल प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त अयोध्या परिक्षेत्र नवदीप रिनवा ने रविवार को बतौर मुख्य अतिथि कहे। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ साथ उनमें साहस व धैर्य का भी भाव जागृत करें।
मंडलायुक्त ने कहा कि आर्य वीरांगना व आर्य दल के माध्यम से बच्चे राष्ट्र व समाज के प्रति अपनी नैतिक कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। आने वाला कल इन बच्चों का है। ऐसे में उन्हें शारीरिक, मानसिक व सामाजिक तौर पर तैयार करने पर जोर देना होगा। उन्होंने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अपने लक्ष्य को लेकर सतत प्रयासरत रहेें। क्योंकि सफलताएं एक या दो दिन के परिश्रम से नहीं प्राप्त होती है, बल्कि इसके लिए संघर्षरत रहना पड़ता है।
विशिष्ट अतिथि डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा कि बच्चों को बेहतर दिशा प्रदान करने के लिए उन्हें मानवीय मूल्यों के व्यापक अर्थ से परिचित कराना होगा। जब बच्चे शुरू से ही अपने कर्तव्यों को लेकर सजग रहेंगे तो वे नई उर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे। सीडीओ घनश्याम मीणा ने कहा कि बेहतर रणनीति व सतत प्रयासों के जरिए ही जीवन में सफलताएं अर्जित की जा सकती हैं।
व्यायाम शिक्षक हरी सिंह के नेतृत्व में प्रशिक्षण प्राप्त आर्य वीरों ने व्यायाम, लाठी, जूडो, स्तूप निर्माण एवं रस्सा व्यायाम के अपने अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की झांकी लोगों के आकर्षण केंद्र रही। इससे पहले अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। प्रधानाचार्या प्रशिषा श्रीवास्तव व डी.ए.वी. एकेडमी के प्रधानाचार्य अशोक पाण्डेय ने सभी का आभार प्रकट किया। मौके पर भूपेंद्र नाथ मेहरोत्रा, संजीव जायसवाल आदि मौजूद रहे। प्रबंधक आनन्द कुमार आर्य ने इससे पहले कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।